IAS Ashish Chauhan बारिश भी न रोक सकी डीएम आशीष चौहान को ! देखिये वीडियो

IAS Ashish Chauhan उत्तराखंड में मौसम विभाग के रेड अलर्ट और जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आपदा की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने खुद मोर्चा संभाला और भारी बारिश के बीच ग्राउंड जीरो पर उतरकर सहस्रधारा, कार्लीगाढ़ और अति-संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से बात कर उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया और अधिकारियों को तत्परता से काम करने के सख्त निर्देश दिए।जिलाधिकारी सबसे पहले सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग पहुंचे, जो बरसात के कारण आए मलबे की वजह से चार अलग-अलग स्थानों पर पूरी तरह ठप हो गया है।

कार्लीगाढ़, सहस्रधारा और सपेरा बस्ती का लिया जायजा, दिए सुरक्षा के सख्त निर्देश ias ashish chauhan 

चार जगहों पर बंद सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग, जेसीबी लगाकर तुरंत खोलने के आदेश

पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने मौके पर बताया कि पिछली आपदा में यह मार्ग 11 से अधिक जगहों पर टूटा था, जिसे अस्थाई रूप से खोला गया था। लेकिन बजट की कमी और स्थाई ट्रीटमेंट न होने के कारण हल्की बारिश में भी यह बार-बार बंद हो जाता है।इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल पीएमजीएसवाई को दोनों तरफ से जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा साफ करने और मार्ग को तुरंत सुचारू करने को कहा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मार्ग के स्थाई ट्रीटमेंट और प्रोटेक्शन कार्यों के लिए वे खुद शासन स्तर पर वार्ता करेंगे ताकि जनता को बार-बार इस परेशानी से न जूझना पड़े।

राशन-पानी की होगी पुख्ता व्यवस्था

निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग ने बताया कि कार्लीगाढ़ में पिछली आपदा के मलबे का निस्तारण, समतलीकरण और नदी चैनलाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है। हालांकि, नदी के दूसरी तरफ रह रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी बेहद गंभीर दिखे।डीएम ने तहसील प्रशासन को निर्देश दिए कि नदी पार रहने वाले सभी परिवारों के पास पर्याप्त खाद्य सामग्री, बिजली और पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही, इन सभी परिवारों के फोन नंबर जिला कंट्रोल रूम में दर्ज किए जाएं ताकि आपात स्थिति में इन्हें समय रहते अलर्ट कर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सके।

सपेरा बस्ती के निवासियों से खुद की बात, सुरक्षा के लिए मांगे सुझाव

आपदा के लिहाज से अति-संवेदनशील मानी जाने वाली सपेरा बस्ती में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान खुद स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ वहां बह रहे नाले के ट्रीटमेंट और क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत के लिए तुरंत आंगणन तैयार करने के निर्देश दिए, बल्कि स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद कर सुरक्षात्मक उपायों पर उनके सुझाव भी मांगे।

 

जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सपेरा बस्ती में सुरक्षात्मक कार्यों को तुरंत पूरा करें। जिन लोगों के मकान असुरक्षित हैं, उन्हें फौरन सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। बारिश के दौरान लोगों को अलर्ट करने का सिस्टम पूरी तरह ठोस होना चाहिए, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।निरीक्षण के दौरान पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाईं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।