Chor Panchak 2026 सनातन धर्म में पंचक को बहुत संवेदनशील और सावधानी रखने वाला समय माना जाता है. पंचक पांच दिनों की एक अशुभ अवधि मानी जाती है, जिस दौरान सनातन धर्म में किसी भी प्रकार का कोई भी शुभ काम न करने की मान्यता है. द्रिक पंचांग के अनुसार पंचक की शुरुआत हो गई है. पंचक की शुरुआत सुबह 06 बजकर 38 मिनट पर हुई. शुक्रवार के पंचक को चोर पंचक कहा जाता है.
31 जुलाई से 4 अगस्त तक चोर पंचक रहेंगे. इसमें धन से जुड़े कुछ खास नियमों का पालन करें नहीं तो धन हानि और बड़े नुकसान हो सकते हैं

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक के अशुभ काल का संबंध चंद्रमा के गोचर से बताया जाता है. कहते हैं कि जब चंद्रमा पांंच नक्षत्रों धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है, तो पंंचक काल की शुरुआत होती है. ये पांचों नक्षत्र कुंभ और मीन राशि में आते हैं. चोर पंचक को बहुत खतरनाक माना जाता है.ज्योतिषीय मान्यता है कि चोर पंचक के दौरान चोरी, धन हानि और व्यापार से जुड़े नुकसान की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है. इस वजह से चोर पंचक के दौरान अपने घर, दुकान और कारोबार से जुड़े मामलों में ज्यादा सावधानी रखने की सलाह दी जाती है. चौर पंचक में आर्थिक लेन-देन में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. कारोबारियों को इस समय किसी बड़े सौदे का फैसला सोच-समझ कर लेने को कहा जाता है.

अगले 4 दिन न करें ये काम
चोर पंचक के दौरान नया बिजनेस या कारोबार शुरू नहीं करें. इस समय नया कारोबार लाभ की जगह हानि दे सकता है.
जमीन-जायदाद की खरीदारी और शेयर बाजार में पैसे का निवेश करने से बचें. इस समय निवेश से नुकसान हो सकता है.
चोर पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा न करें. इस दिशा में की यात्रा समस्याओं का कारण बन सकती है.
पंचक के दौरान गलती से भी विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या किसी भी तरह का मांगलिक कार्य नहीं करें.
चोर पंचक के दौरान लोहे की वस्तुएं और कपड़े भी न खरीदें.
ज्वलनशील पदार्थों को खरीदने या जमा करने से भी बचें.
पंचक के दौरान धन का लेन देन नहीं करें.

