Malta Herbal Cold Remedy उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान ठंड, नमी और बदलते तापमान के कारण सर्दी-जुकाम, गले में खराश, बंद नाक और हल्के बुखार की समस्या आम हो जाती है। ऐसे मौसम में कुमाऊं के ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग आधुनिक दवाओं के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू नुस्खों पर भरोसा जताते हैं। माल्टा, शहद और कुटी हुई काली मिर्च से तैयार किया जाने वाला एक पारंपरिक उपाय यहाँ वर्षों से बेहद लोकप्रिय है।
विधि काफी अनूठी और सरल है Malta Herbal Cold Remedy

सबसे पहले एक पका हुआ माल्टा लिया जाता है।माल्टा के ऊपरी हिस्से में छोटा सा छेद करके उसके भीतर थोड़ा शहद और कुटी हुई काली मिर्च भरी जाती है।इसके बाद माल्टा को बंद करके गर्म राख या सुलगते कोयले के बीच पकने के लिए रख दिया जाता है।माल्टा के अच्छी तरह गर्म और नरम हो जाने के बाद, इसका गुनगुना रस निकालकर रात को सोने से पहले पिया जाता है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस गुनगुने रस का सेवन करने से गले को तुरंत राहत मिलती है और शरीर में अंदरूनी गर्माहट आती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ और डॉक्टर ?
चिकित्सकों के अनुसार, माल्टा विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाने में मदद करता है। वहीं, शहद गले की सूजन और खराश को कम करने का काम करता है, और काली मिर्च शरीर में गर्माहट पैदा करती है। हालांकि, डॉक्टर का कहना है कि यह एक पारंपरिक सहायक उपाय जरूर है, लेकिन इसे किसी गंभीर बीमारी का पक्का और डॉक्टरी इलाज नहीं माना जा सकता।दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहले जब स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित थीं, तब बुजुर्गों का यह अनुभव ही प्राथमिक उपचार का काम करता था। पीढ़ियों से चला आ रहा यह ज्ञान आज भी कुमाऊं की पारंपरिक जीवनशैली का अहम हिस्सा बना हुआ है।

जानते हैं कि माल्टा आपके स्वास्थ्य के लिए कैसे फायदेमंद है
1 पोषक तत्वों से भरपूर है माल्टा
माल्टा में आमतौर पर केवल 85 कैलोरी होती है और इसमें वसा, कोलेस्ट्रॉल या सोडियम बिल्कुल भी नहीं होता है। यही वजह है कि इसके इतने सारे स्वास्थ्य लाभ हैं। इसमें विटामिन- C, B, कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और फैट फ्री कैलोरी होती है।
2 विटामिन C का खजाना
एनसीबीआई के अनुसार एक माल्ट शरीर की दैनिक आवश्यकता का 70% विटामिन C प्रदान करता है। विटामिन सी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है। शरीर को धमनियों में कोलेजन बनाने के लिए भी इस विटामिन की आवश्यकता होती है। यह मांसपेशियों और हड्डियों के लिए भी अच्छा है। एक गिलास माल्टा जूस विटामिन-सी का सबसे कारगर स्रोत माना जाता है।

3 पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
एक मध्यम आकार के माल्टा में 3 ग्राम आहार फाइबर होता है, जो न केवल कब्ज को रोकने में मदद करता है, बल्कि स्वस्थ आंत्र को बनाए रखने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण है।
4 वज़न घटाने में मददगार
यदि आप अपना वज़न कम करने की कोशिश कर रही हैं, तो माल्टा आपके लिए परफेक्ट है। इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जिसका मतलब है कि यह आपके पाचन तंत्र को साफ और दुरुस्त रखने में मदद कर सकता है। साथ ही, फाइबर आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद करता है। जिसकी वजह से यह वज़न घटाने में मदद कर सकता है।
5 हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद
कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने से हृदय रोग का खतरा भी कम हो जाता है, जिसमें दिल का दौरा और स्ट्रोक भी शामिल है। माल्टा में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट सूजन को कम करके, लंबे समय तक आपको इन सभी बीमारियों से बचाने में मदगार हैं। शरीर में लंबे समय तक सूजन रहने से कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गठिया, अवसाद और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

