प्यू रिसर्च सेंटर के कई ऐसी हैरतअंगेज बातें सामने आईं, जो अमेरिकी युवाओं की शादी, रिश्तों और साथ रहने की आदतों में आए गहरे बदलावों को बताती हैं. सर्वे में 40 साल या उससे थोड़े अधिक उम्र के लगभग 77% वयस्कों ने माना कि वे शादी से पहले पार्टनर के साथ लिव-इन में रह चुके हैं. करीब एक तिहाई यानी 33% से ज्यादा वयस्कों ने बताया कि वे अपनी जिंदगी में 2 या 2 से अधिक अलग-अलग पार्टनर्स के साथ लिव-इन में रहे हैं.
अच्छी तरह ‘परखने’ के बाद शादी
सर्वे के अनुसार, अमेरिका में भले ही बिना शादी के साथ रहने का चलन बढ़ा हो. लेकिन लिव-इन में रहने वाले करीब 65% से अधिक जोड़े बाद में शादी के बंधन में बंध जाते हैं. जबकि करीब 35 फीसदी जोड़े अपनी राहें जुदा कर लेते हैं. मजे की बात ये रही कि जिन लोगों के पास हायर डिग्री रही, उनके पारिवारिक होने की संभावना भी ज्यादा दिखी. सर्वे में पाया गया कि जिन लोगों के पास बैचलर या उससे ऊपर की डिग्री है, उनके मामले में लिव-इन में रहने के बाद शादी में बदलने की दर 77 प्रतिशत तक रही. यानी कि ऐसे पढ़े-लिखे लोग लिव-इन रिलेशन में तो आते हैं लेकिन बाद में वे उसी पार्टनर के साथ शादी के बंधन में बंधने का फैसला भी कर लेते हैं.
9 हजार लोगों पर की गई स्टडी
रिपोर्ट के मुताबिक, प्यू रिसर्च सेंटर ने इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए खुद कोई नया सर्वे करने के बजाय अमरीकी सरकार के आधिकारिक डेटा का गहन विश्लेषण किया है. यह रिपोर्ट ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स की ओर से वर्ष 1980 से 1984 के बीच जन्मे लगभग 9 हजार अमरीकी नागरिकों पर किए गए ‘नेशनल लोंगीट्यूडनल सर्वे ऑफ यूथ’ सर्वे के आधार पर तैयार की गई.
इस स्टडी की खास बात यह है कि शोधकर्ताओं ने इन 9,000 लोगों के जीवन पर कई दशकों तक शोध किया. रिसर्च के नतीजों ने अमेरिका में घटती वैवाहिक दर और बढ़ती सामाजिक चिंताओं को फिर से उजागर कर दिया है. युवाओं में देरी से शादी करने या न करने की प्रवृति से वहां पर जन्म दर गिरती जा रही है. जिसे देश की तरक्की के लिए नुकसानदायक कहा जा रहा है. इस समस्या से निपटने के लिए अब अमेरिका के प्रमुख कंजर्वेटिव थिंक-टैंक ‘द हेरिटेज फाउंडेशन’ ने देश में शादी की दरों को पुनः बढ़ावा देने और युवाओं को पारंपरिक पारिवारिक ढांचे से जोड़ने के लिए विशेष “मैरिज बूटकैंप” शुरू करने की रणनीति तैयार की है.
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि लिव-इन रिलेशनशिप की प्रवृति ने विवाह परंपरा को बहुत नुकसान पहुंचाया है. जहां पहले शादी को किसी रिश्ते की शुरुआत की पहली सीढ़ी माना जाता था, वहीं आज के दौर में लिव-इन रिलेशनशिप को शादी के लिए ‘परखने’ के कदम के रूप में देखा जाने लगा है. हालांकि युवा शादी से मुंह क्यों चुरा रहे हैं. अब इसकी वजह भी सर्वे में पता चला है कि करियर की प्राथमिकताएं, बढ़ती महंगाई, आर्थिक अस्थिरता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसी वजहों से युवा अब शादी से दूर भागते नजर आते हैं.

