Reverse Migration in Uttarakhand मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड निवास में उत्तराखण्ड के प्रवासी बुद्धिजीवियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में प्रवासी उत्तराखण्डवासियों एवं प्रबुद्धजनों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। इस अवसर पर प्रवासी बुद्धिजीवियों द्वारा राज्य के विकास के प्रति अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त सुझावों का समावेश राज्य के विकास हेतु तैयार की जाने वाली नीतियों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रवासी बंधुओं से संवाद के दौरान इस आयोजन में अपनी व्यस्तताओं के बावजूद उपस्थित होने के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया।
उत्तराखण्ड के प्रवासी बुद्धिजीवियों संग की गुफ्तगू Reverse Migration in Uttarakhand

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण राज्य है, जो हमें विरासत में मिला है। राज्य सरकार ने विकास को गति देने के लिए बजट को बढ़ाकर एक लाख 12 हजार करोड़ रुपये तक किया है। उन्होंने कहा कि रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में अभी विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ को राज्य के विकास में उपयोगी बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने राज्य की मजबूत कनेक्टिविटी को निवेश के लिए महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जबकि ऊधमसिंह नगर का पंतनगर कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होमस्टे, छोटे होटल, कृषि, बागवानी और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य की पर्यटन क्षमता को अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश जैसी यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा में कई गुना वृद्धि हुई है, जबकि कांवड़ यात्रा में करीब पांच करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

