What is Memory क्या होती है याददाश्त ? जानिए रहस्य

What is Memory व्यक्ति की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है उसकी याददाश्त भी धुंधली पड़ने लगती है. कभी सटीक चीजें याद नहीं रहतीं तो कभी एक याद दूसरे में मिलकर एक नई याद बन जाती है. लेकिन, इयान मैकडोनो, स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में पाया कि याददाश्त के बिगड़ने की क्या वजह है. सेरेब्रल कॉर्टेक्स पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क खास अनुभव को हूबहू याद करने के बजाय मिलते-जुलते उन अनुभवों को आपस में मिला देता है जो आप याद करना चाहते हैं।

मस्तिष्क यादों को आपस में क्यों मिला देता है ? What is Memory

याद करने के अलग-अलग चरणकिसी बात को याद करने के कई चरण होते हैं. इसे इस तरह समझा जा सकता है –

पहला चरण – पहला चरण तब शुरू होता है जब आप बातचीत के दौरान उस घटना के अलग-अलग पहलुओं को महसूस करने के साथ ही समझ रहे हैं.

दूसरा चरण – दूसरे चरण में जानकारियों को मस्तिष्क में सुरक्षित रखा जाता है.

तीसरा चरण – इस चरण में आप एक सप्ताह बाद उस दोस्त के साथ हुई बातचीत को याद करने के लिए मस्तिष्क में उस जानकारी को तलाशते हैं. याद रखने के इसी चरण को याद्दाश्त कहते हैं.

शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में यह समझने की कोशिश की कि याददाश्त के किस चरण में यादों में गड़बड़ी होने लगती है और मस्तिष्क का स्मृति केंद्र हिप्पोकैम्पस इसमें क्या भूमिका निभाता है. इस अध्ययन के लिए युवा, अधेड़ उम्र के लोगों और बुजुर्गों के मस्तिष्क की गतिविधियों को उस समय दर्ज किया गया जब वे याददाश्त के इन तीनों चरण से गुजर रहे होते हैं. मस्तिष्क की जांच के दौरान प्रतिभागियों को स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में थोड़ी देर के लिए किसी व्यक्ति की तस्वीर दिखाई गई और नीचे किसी दृश्य या वस्तु, जंगल या सेब जैसी कोई तस्वीर दिखाई गई. इसके बाद प्रतिभागियों से कहा गया कि वे कल्पना करें कि ऊपर दिखाई दे रहा व्यक्ति उस दृश्य के साथ बातचीत कर रहा है. ऐसे में तस्वीरों की हर जोड़ी को एक घटना माना गया।

अब प्रतिभागियों को 20 मिनट आराम करने के लिए कहा गया और उस दौरान उनके मस्तिष्क की गतिविधियों को दर्ज किया गया. अब याद्दाश्त की पड़ताल के दौरान प्रतिभागियों को ऊपर पहले दिखाई जा चुकी किसी व्यक्ति की तस्वीर दिखाई गई और उसके नीचे अन्य तस्वीरें रखी गईं. प्रतिभागियों को इस दौरान याद करना था कि इनमें से कौन सी दृश्य वाली तस्वीर उन्हें पहले दिखाए गए व्यक्ति की तस्वीर के साथ दिखाई गई थी. ऐसा यह देखने के लिए किया गया कि लोग कितनी बेहतर तरह से व्यक्ति और उनके साथ जुड़ी तस्वीरों को पहचान पाते हैं।

क्या निकला स्टडी का रिजल्ट ?

स्टडी में पाया गया कि चीजों को याद रखने में बुजुर्गों के मस्तिष्क में ज्यादा गड़बड़ी देखी गई. बुजुर्गों में उस पैटर्न को कम देखा गया जो किसी खास याद को पहली बार अनुभव करने, सुरक्षित रखने और बाद में याद करने के दौरान दिखाई दिया था. हैरानी की बात यह रही कि जब बुजुर्गों ने मस्तिष्क की शुरुआती गतिविधि के पैटर्न को दोहराया भी तब भी यादों में गड़बड़ी का अंदेशा अधिक था. यह अध्ययन इस बात के नए प्रमाण देता है कि उम्र के साथ हिप्पोकैम्पस याददाश्त के अलग-अलग चरणों के बीज यादों में अनुचित तरीके से बदलाव करने लगता है।