Ankita Bhandari Case अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दे रहे हैं. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उनसे मिलने पहुंचे.वहां पहुंचने के बाद दोनों नेता सीधे अंकिता के माता-पिता के पास जाकर बैठे और उनका हालचाल जाना. साथ ही परिवार को सांत्वना देते हुए उनके संघर्ष में समर्थन का भरोसा भी दिया.
2022 में सामने आया था चर्चित हत्याकांड Ankita Bhandari Case

अंकिता भंडारी हत्याकांड ने वर्ष 2022 में पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था. मामले को लेकर लगातार न्याय की मांग उठती रही है. इसी साल फरवरी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस केस की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी.हालांकि जांच प्रक्रिया को लेकर परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे. करीब आठ महीने बाद हाल ही में सीबीआई के दो अधिकारी पौड़ी जिले में स्थित अंकिता के गांव पहुंचे और उनके माता-पिता से कई घंटे तक बातचीत कर जानकारी जुटाई.अंकिता के परिजन और कांग्रेस लंबे समय से इस मामले में दुष्यंत गौतम का नाम उठाते रहे हैं. उनका आरोप है कि हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका पर अब भी पूरी तरह से स्थिति साफ नहीं हुई है.
चार दिन बाद नहर से मिला था शव
19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के नजदीक स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं. 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी.घटना के चार दिन बाद उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ था. इस मामले की जांच के बाद रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके सहयोगियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया गया. अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद फिर चर्चा में आया मामला
पिछले वर्ष दिसंबर में यह केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया था. इसकी वजह कुछ कथित ऑडियो क्लिप थे, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इन ऑडियो में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच बातचीत होने का दावा किया गया था. ऑडियो सामने आने के बाद कथित वीआईपी की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई.
सीबीआई जांच की मांग को लेकर हुए कई प्रदर्शन
अंकिता हत्याकांड की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग को लेकर कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने समय-समय पर विरोध प्रदर्शन किए.इन आंदोलनों में अंकिता के माता-पिता भी सक्रिय रूप से शामिल हुए. लगातार बढ़ते दबाव और जनभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवार से मुलाकात की थी. इसके बाद मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी.

न्याय की लड़ाई जारी
अंकिता भंडारी के माता-पिता का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ अपनी बेटी के लिए न्याय पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सच को सामने लाने के लिए भी है. इसी मांग को लेकर वे अब दिल्ली में धरने पर बैठे हैं. वहीं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मुलाकात के बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.
अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा,
[कथित वीआईपी] को जेल में होना चाहिए. मैं माननीय राष्ट्रपति से विनम्र अनुरोध करता हूं कि जबतक CBI की जांच पूरी न हो जाए, तबतक [कथित वीआईपी को] राज्यपाल नियुक्त न करें. नियुक्ति की खबर से उन्हें धक्का लगा है. इस खबर को सुनने के बाद अंकिता की मां रात भर रोती रही. आज उन्हें मजबूरन दिल्ली आना पड़ा है.उधर, अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी ने कहा, इस खबर को सुनने के बाद से वे दुखी हैं. उन्होंने कहा यह उनकी भावनाओं के साथ धोखा है. सोनी देवी ने कहा इस मामले में उनके पास बोलने के लिए शब्द नहीं हैं.

अंकिता हत्याकांड मामला 2022 का है.
पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट की अंकिता भंडारी वनंत्रा रिजॉर्ट में नौकरी करती थी. रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित ने चीला बैराज में धक्का देकर अंकिता भंडारी की हत्या कर दी थी. मामले की छानबीन के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. आरोप सिद्ध होने पर निचली अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनवाई गयी थी. तब से तीनों जेल में बंद हैं. इन तीनों के साथ ही एक वीआईपी की चर्चा भी हुई थी, जिसे लेकर अब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है.

