Adorning Laddu Gopal श्रीकृष्ण को क्यों प्रिय है पीतांबरी वस्त्र ?

Adorning Laddu Gopal जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन घरों और मंदिरों में लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भक्त घर में स्‍थापित भगवान कृष्ण के बाल स्‍वरूप लड्डू गोपाल को छोटे बच्चे के रूप में सजाते हैं और उन्हें नए वस्त्र, आभूषण, मुकुट, मोरपंख और बांसुरी अर्पित करते हैं। माना जाता है कि जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का श्रृंगार प्रेम और श्रद्धा के साथ करना चाहिए। आइए जानते हैं कि जन्माष्टमी पर बाल गोपाल का श्रृंगार किस तरह किया जा सकता है।

श्रीकृष्ण को क्यों प्रिय है पीतांबर Adorning Laddu Gopal

इस दिन श्रीकृष्ण को पीतांबर धारण किए हुए स्वरूप में पूजना शुभ होता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि आप श्री कृष्‍ण को पीले रंग की ही पोशाक पहनाएं, मगर पीला रंग श्रीकृष्‍ण को अतिप्रिय है। इसलिए जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को पीले, सुनहरे या हल्के पीले रंग की सुंदर पोशाक पहनाई जा सकती है। आप के बाल गोपाल जैसे भी आकार के हों, आप उनके लिए वैसे वस्‍त्र चुन सकते हैं।

 जन्माष्टमी पर जब बाल गोपाल का श्रृंगार किया जाता है, तो उन्हें पीले रंग के वस्त्र पहनाया जाता है। कान्हा का पीतांबर धारण किए हुए स्वरूप भगवान कृष्ण की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक छवियों में से एक है। सवाल है- आखिर कृष्ण को पीले वस्त्र ही क्यों प्रिय माने जाते हैं? श्रीमद्भागवत में भी द्वापर युग में भगवान के श्याम वर्ण और पीले वस्त्र धारण करने का जिक्र है।

कृष्ण का पीतांबर स्वरूप

भगवान श्रीकृष्ण को धार्मिक परंपरा में अक्सर श्याम रंग के शरीर और पीले वस्त्रों के साथ देखा जाता है। उनके इस स्वरूप को ‘पीतांबरधारी’ कहा जाता है। श्रीमद्भागवत महापुराण के एक प्रसंग में कृष्ण के गोपियों के बीच प्रकट होने पर उनके पीले वस्त्र धारण करने का जिक्र मिलता है। यही कारण है कि जन्माष्टमी पर बाल कृष्ण का श्रृंगार करते समय पीले वस्त्रों को विशेष महत्व दिया जाता है। भक्त कान्हा को पीले धोती-कुर्ते, पीतांबर या पीले रंग की पोशाक पहनाकर उनका श्रृंगार करते हैं।

 

कृष्ण का पीतांबर उनके दिव्य स्वरूप और भगवान के प्रति भक्तिभाव की याद दिलाता है। कृष्ण की मूर्तियों में पीले वस्त्र देखकर भक्त उनके बाल रूप, वृंदावन की लीलाओं और भगवान के प्रति प्रेम को याद करते हैं। इसलिए जन्माष्टमी पर कान्हा को पीले कपड़े पहनाने की परंपरा किसी फैशन या सामान्य पसंद से जुड़ी नहीं है। इसके पीछे कृष्ण के पीतांबरधारी स्वरूप की परंपरा है। जब भक्त आधी रात को कृष्ण जन्म का उत्सव मनाकर बाल गोपाल को पीले वस्त्र पहनाते हैं, तो उनके मन में यही भाव होता है कि आज उनके घर स्वयं कान्हा बाल रूप में पधारे हैं।

तुलसी या वैजयंती माला पहनाएं
श्रृंगार पूरा करते समय लड्डू गोपाल को तुलसी की माला पहनाना न भूलें । आप चाहें तो भगवान को वैजयंती माला भी अर्पित कर सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है। इसलिए जन्माष्टमी के दिन उनकी पूजा और श्रृंगार में तुलसी दल या तुलसी की माला शामिल जरूर करें।

माथे पर लगाएं चंदन का तिलक
लड्डू गोपाल के माथे पर चंदन, अष्टगंध या केसर से तिलक लगाएं। तिलक लगाते समय श्रद्धा और भक्ति का भाव रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही आप उनके स्वरूप के अनुसार छोटा सा रोली या अक्षत भी लगा सकते हैं।