amit shah haridwar 2027 में हम उत्तराखंड में सरकार बनाएंगे – अमित शाह

amit shah haridwar केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह हरिद्वार पहुंचे. जहाँ शाह ने 2000 पुलिस आरक्षीयों को नियुक्ति प्रमाण पत्र दिए. पांच आरक्षियों को औपचारिक रूप नियुक्ति पत्र सौंपा गए. इस दौरान अमित शाह ने सीएए के तहत पाकिस्तानी और अफगानिस्तान से आए 5 हिंदू परिवारों को नागरिकता प्रमाण पत्र भी सौंपे. उन्होंने 1,100 करोड़ रुपए से अधिक लागत की कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया. अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड वालों की आवाज दिल्ली तक जानी चाहिए. तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने की मुट्ठी भींचिए और बोलिये भारत माता की जय. उन्होंने जय जय श्री राम का जयकारा भी लगाया.

अमित शाह ने युवाओं को ‘मेरे जिगर के टुकड़े’ कहा amit shah haridwar

amit shah haridwar
युवा कार्यकर्ताओं का बताया अपने जिगर का टुकड़ा

इससे पहले उत्तराखंड के सीएम धामी ने कार्यक्रम में मौजूद एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हमारा देश एक भारत और श्रेष्ठ भारत की ओर बढ़ रहा है. सशक्त भारत का संकल्प पूरा हो रहा है. भारत आज पूरी दुनिया की आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है. सीएम धामी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के मित्रों को विश्वपटल पर भारत की बढ़ती लोकप्रियता रास नहीं आ रही है. वे पीएम मोदी का विरोध करने के चक्कर में पूरे देश का विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस अपने युवराज के अपरिपक्व नेतृत्व में देश विरोधी हो गई है.

मुस्लिम देशों से आए पांच शरणार्थी परिवारों को मिली भारतीय नागरिकता

धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होकर भारत में शरण लेने आए जिन हिंदुओं को आज हरिद्वार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारतीय नागरिकता दी है, उनमें जसपाल कुमार पाकिस्तान से आए हैं. इन्होंने पाकिस्तान में हो रही हिंदुओं की नृशंस हत्याओं से घबराकर भारत में शरण ली.

पाकिस्तान से ही आए शैलेश ने भी धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होने पर भारत में शरण ली. शैलेश पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी थे. दुर्गानाथ राजपूत को भी भारतीय नागरिकात मिली है. दुर्गानाथ पाकिस्तान के कराची से आए हैं. इन्होंने परिवार की महिला सदस्यों पर हो रहे अत्याचारों से तंग आकर भारत में शरण ली.

कुलदीप कुमार पाकिस्तान के स्वात इलाके से भारत में शरण लेकर रह रहे थे और भारतीय नागरिकात के लिए आवेदन किया था. सिख समुदाय से संबंध रखने वाले कुलदीप के साथ पाकिस्तान में धार्मिक भेदभाव हो रहा था. ऐसे में इनका पाकिस्तान में रहना मुश्किल हो गया था.

हंसेरी बाई को भी आज हरिद्वार में भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय नागरिकता दी. हंसेरी देवी अफगानिस्तान से आई हैं. अफगानिस्तान में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है, वहां दूसरे धर्म के लोगों का रहना मुश्किल हुआ है. ऐसे में हंसेरी बाई ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया, जो स्वीकार हो गई और आज वो भारतीय नागरिक बन चुकी हैं.