PATANJALI AYURVEDA GURUKULAM मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि वेलनेस योगग्राम, ग्राम औरंगाबाद, हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् के उद्घाटन समारोह में गुरुकुलम् के शुभारंभ पर योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण तथा समस्त पतंजलि परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है. देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि भारत की गुरुकुल परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है. गुरुकुलों में विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी बोध कराया जाता है.
हरिद्वार में पहले पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम का शुभारंभ PATANJALI AYURVEDA GURUKULAM,

योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि, पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम में इस वर्ष 60 और अगले साल से 120 विद्यार्थी शिक्षा प्रारंभ करेंगे. इसके बाद यहां 1000 विद्यार्थियों को शिक्षा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यहां दसवीं कक्षा के बाद संस्कृत पढ़ने वाले बच्चे आयुर्वेद में बीएएमएस की पढ़ाई भी कर सकेंगे. आज यहां स्वर्णिम इतिहास बन गया है. आज पूरा विश्व आयुर्वेद की ओर बढ़ेगा. स्वामी रामदेव ने दावा किया कि, निश्चित रूप से जहां मॉडर्न मेडिकल साइंस खत्म होता है, वहां से आयुर्वेद की शुरुआत होती है. आयुर्वेद से बीमारियां कंट्रोल नहीं क्योर होती हैं.

योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को गाय का घी इसलिए दिया है कि वो चेक कराकर पूरे देश को बता दें कि पतंजलि का गाय का घी कितना शुद्ध है. उन्होंने कहा कि, लोग पतंजलि द्वारा निर्मित गाय के घी की शुद्धता पर सवाल उठाते हैं. जबकि पतंजलि लाखों लीटर गाय का दूध इकट्ठा करता है. उस दूध से दही, क्रीम, मक्खन, घी और छाछ जैसे पांच प्रोडक्ट बनाए जाते हैं. ये सब उत्पाद बाजारों में बिकते हैं.पतंजलि अब पांच हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए लीटर वाला सोने की भस्म से निर्मित घी भी बनाएगा.

