Babita Panday Missing उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई 24 वर्षीय बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है। प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें कई दिनों से दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद से भी युवती का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बबीता के पिता गोपाल पांडे ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी बस एक ही इच्छा है कि उनकी बेटी सकुशल घर लौट आए। उन्होंने बताया कि बबीता एमबीए की छात्रा है और पढ़ाई के साथ नौकरी भी करती थी। परिवार के मुताबिक, वह 29 मई को दो साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई थी, लेकिन 30 मई को ट्रेकिंग के दौरान अचानक लापता हो गई।
बबीता की दादी लक्ष्मी पांडे भी अपनी पोती की सुरक्षित वापसी के लिए प्रशासन से गुहार लगा रही हैं। परिवार के सदस्य उत्तरकाशी में राहत और बचाव दलों के साथ लगातार संपर्क में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरे उत्तराखंड की निगाहें अब इस सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं और सभी बबीता की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।
निगाहें अब इस सर्च ऑपरेशन पर टिकी Babita Panday Missing

नैनीताल निवासी बबिता पांडे उम्र 30 वर्ष दस सदस्यीय ट्रेकर्स दल के साथ स्थानीय ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से दयारा बुग्याल ट्रेक पर पहुंची थी. यह दल दयारा क्षेत्र में ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए आया हुआ था. बताया जा रहा है कि बीती शुक्रवार यानी 29 मई की रात ट्रेकर्स दल गोई कैंप क्षेत्र में ठहरा हुआ था. इसी दौरान देर रात बबिता पांडे अपने टेंट से बाहर निकली, लेकिन उसके बाद वो वापस नहीं लौटी. शनिवार यानी 30 मई की सुबह जब ट्रेकिंग एजेंसी और दल के अन्य सदस्यों ने बबिता को कैंप में नहीं पाया, तो उसकी तलाश शुरू की गई. काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तो मामले की सूचना वन विभाग और प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तत्काल खोज अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए.

डॉग स्क्वॉड, ड्रोन टीम और आपदा प्रबंधन तलाश में जुटा
31 मई को सर्च ऑपरेशन को और मजबूत करने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों के साथ डॉग स्क्वॉड, ड्रोन टीम और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मियों को भी तैनात किया गया। इसके अलावा वन विभाग के अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को भी क्षेत्र में भेजा गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खोज अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग कर लापता महिला ट्रेकर का जल्द से जल्द पता लगाने और उनकी सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जिला प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और दयारा बुग्याल क्षेत्र में खोज एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
कैसे और कब हुई लापता
बबीता 25 मई को अपने दो मित्र हरमनपाल और हरमनप्रीत के साथ उत्तरकाशी घूमने के लिए निकली थीं। पुलिस के अनुसार, तीनों ने पहले गंगोत्री क्षेत्र की तरफ गए इसके बाद इसके बाद दयारा बुग्याल ट्रेक पर गए , बताया गया है कि 29 मई की रात तीनों ट्रेकिंग के दौरान एक पड़ाव पर रुके थे। लेकिन रात में बबीता कहीं बाहर चली गई। तब से युवती का कुछ भी पता नहीं है। इसके बाद वन विभाग और पुलिस को सूचना दी गई। बबीता के परिजनों ने मनेरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने साथ आए दोस्तों और गाइड से भी कड़ी पूछताछ की है।

