वित्त मंत्री ने बजट 2026 (Budget 2026) पेश किया, जिसमें नगर निगमों के लिए ₹1000 करोड़ से अधिक के बॉन्ड पर प्रोत्साहन की घोषणा की। उन्होंने आरईसी और पीएफसी के पुनर्गठन, साथ ही ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग’ समिति का प्रस्ताव रखा। एमएसएमई के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में ₹4000 करोड़ जोड़े जाएंगे। एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम और छोटे शहरों में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया गया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट (Budget 2026) पेश किया। उन्होंने बजट भाषण में नगर निगम द्वारा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के सिंगल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री ने सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के तहत आरईसी लिमिटेड (जिसे पहले Rural Electrification Corporation कहा जाता था) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के पुनर्गठन की भी घोषणा की।
25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर
वित्त मंत्री ने ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग’ पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि देश के बैंकिंग क्षेत्र की विशेषता मजबूत बैलेंस शीट और ऐतिहासिक रूप से उच्च लाभप्रदता है। उन्होंने अपने बजट भाषण में विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों की समीक्षा करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।

एमएसएमई के लिए बड़ा एलान
वित्त मंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देने के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में 2026-27 में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी। इस फंड की घोषणा 2023 में की गई थी ताकि उन एमएसएमई में 50,000 करोड़ रुपये की ‘इक्विटी फाइनेंसिंग’ डाला जा सके जिनमें बड़ी इकाइयों में विकसित होने की क्षमता और व्यवहार्यता हो।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने पांच उप-भागों वाला एक एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया। यह एक ऐसा कदम जो इस क्षेत्र की मदद कर सकता है जो (क्षेत्र) अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है।

और क्या किए बड़े एलान?
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने प्राकृतिक फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना तथा राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा। मंत्री ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों से की जाने वाली सभी खरीद के लिए टीआरईडीएस को लेनदेन मंच बनाने का भी प्रस्ताव रखा।
टीआरईडीएस मंच, रिसिवेबल्स एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल), सिडबी और एनएसई द्वारा प्रवर्तित एक संयुक्त उद्यम है। मंत्री ने कहा कि सरकार छोटे व मझोले शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी रखेगी।

