Butter Festival आपने होली तो खूब खेली होगी , अबीर रंग गुलाल , कपड़ा फाड़ होली और न जाने कैसी कसी लेकिन क्या आपने मक्खन की होली खेली या देखी है. शायद नहीं लेकिन यह सच है. यह होली अगस्त महीने में बुग्यालों में खेली जाती है. जिसे बटर फेस्टिवल या अढूंडी उत्सव कहा जाता है, जो अपने आप में बेहद अनूठा और खास उत्सव होता है. इस उत्सव में देवभूमि की संस्कृति और विरासत की झलक का समागम देखने को मिलता है. इस दौरान एक दूसरे पर मक्खन और दही लगाकर होली खेली जाती है.
बुग्याल दूध, दही और मक्खन के रंग में सराबोर Butter Festival

दयारा पर्यटन विकास समिति की ओर से पंचगाई पट्टी के रैथल समेत नटीण, बंद्राणी, क्यार्क और भटवाड़ी गांवों के ग्रामीण अपने आराध्य समेश्वर देवता की देवडोली के साथ दयारा बुग्याल पहुंचे। इसके अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु यहां पहुंचे।बता दें कि अंढूड़ी पर्व की शुरुआत पांच पांडवों के पश्वाओं के अवतरित होने से हुई। इसके बाद समेश्वर देवता की देवडोली के साथ उनके पश्वा भी अवतरित हुए। लोक परंपरा के अनुसार समेश्वर देवता ने कफुवा पर डांगरियों के बीच चलकर मेलार्थियों को आशीर्वाद दिया।

इसके बाद बुग्याल में बनी छानियों में ग्रामीणों की ओर से एकत्र किए गए दूध, दही और मक्खन को वन देवताओं और स्थानीय देवी-देवताओं को भोग लगाया गया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद राधा-कृष्ण की जोड़ी ने मक्खन से भरी हांडी फोड़ी।इसके साथ ही बटर फेस्टिवल का मुख्य उत्सव शुरू हो गया। हांडी फूटते ही ग्रामीणों ने एक-दूसरे पर दूध, दही और मक्खन लगाकर अनूठी होली खेली। वहीं, उत्सव के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक लोक वेशभूषा में राधा-कृष्ण की जोड़ी के साथ रासौ-तांदी नृत्य किया। पुरुषों ने भी नृत्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

उत्तरकाशी के बटर फेस्टिवल के आयोजकों का कहना है कि हिमालय क्षेत्र में मनाया जाने वाला यह दुनिया का एक तरह का आयोजन है. जिस तरह की स्पेन में टमाटर की होली की जाती है, उसी तरह से दयारा बुग्याल में मक्खन की होली खेली जाती है. बता दें कि बटर फेस्टिवल की तरह ही स्पेन में भी टमाटर की होली खेली जाती है. जिसे ‘ला टोमाटीना’ फेस्टिवल के नाम से जाना जाता है.

