Chaitra Navratri 2026 चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी, पंचक 16 मार्च से लग रहे हैं. ऐसे में नवरात्रि की घटस्थापना पर पंचका का साया मंडरा रहा है. आखिर कलश स्थापना पंचक में कैसे होगी क्या है नियम.पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र महीने की शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू हो रही है और इसका समापन 27 मार्च 2026 को होगा. नवरात्रि के पहले दिन कलशस्थापना शुभ मुहूर्त में होती है. ये नवरात्रि का सबसे कार्य माना जाता है लेकिन इस बार नवरात्रि पर पंचक का साया मंडरा रहा है. ऐसे में घटस्थापना कैसे होगी, क्योंकि पंचक में शुभ कार्य करने की मनाही होती है.
चैत्र नवरात्रि में पंचक का साया Chaitra Navratri 2026

19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि शुरू होगी. वहीं पंचक 16 मार्च 2026 से शुरू हो रहे हैं जो शाम 6.14 से शुरू होंगे जो 21 मार्च 2026 तक रहेंगे. ऐसे में नवरात्रि की घटस्थापना से लेकर तृतीया तिथि तक पंचक का साया रहेगा.
पंचक में नवरात्रि की घटस्थापना कर सकते हैं या नहीं
ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार इसमें कोई दोष नहीं माना जाता, क्योंकि नवरात्रि की घटस्थापना एक नियत तिथि (नियत पर्व) का कार्य है. नियत तिथि वाले धार्मिक कार्यों पर पंचक, भद्रा या अन्य दोषों का प्रभाव नहीं माना जाता. इसलिए 19 मार्च को चैत्र नवरात्रि की घटस्थापना के दिन पंचक है तो भी कलश स्थापना करना शास्त्रसम्मत है.

नवरात्रि के 3 दिन न करें ये कार्य
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन हिंदू नववर्ष शुरू हो जाता है. ऐसे में लोग नए कार्य, खरीदारी करते हैं लेकिन इस साल नवरात्रि के शुरुआती 3 दिन पंचक रहेगा. ज्योतिष के अनुसार पंचक में वाहन (गाड़ी) खरीदना, नए बिजनेस की शुरुआत करना, विवाह के लिए आगे बढ़ना, गृह प्रवेश, मुंडन सामान्यतः टालने की सलाह दी जाती है. मान्यता है पंचक में किए गए इन कार्यो का फल प्राप्त नहीं होता, बाधाएं आती हैं.

