Child Sexual Abuse यौन शोषण का ऑनलाइन फैला जाल…बच्चों को करें अलर्ट -STF पुलिस

Child Sexual Abuse आजकल जिस तरह से मोबाइल और इंटरनेट घर-घर लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है ऐसे में ऑनलाइन शॉपिंग हो… ऑनलाइन मूवी हो …ऑनलाइन पढ़ाई हो या ऑनलाइन चैटिंग जिंदगी में इंटरनेट ने मजबूत पकड़ बना ली है… लेकिन इसके साथ ही साथ यही सोशल मीडिया और डिजिटल टेक्नोलॉजी लोगों के लिए मुसीबत भी बन रही है …. उत्तराखंड एसटीएफ की यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि इसके पहले की आप किसी अप्रिय हादसे का शिकार हो जाए आपका जागरूक होना बेहद जरूरी है… दरअसल हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड में ऑनलाईन यौन शोषण एवं आपत्तिजनक सामग्री के सम्बन्ध में मिली शिकायतों की जिस पर स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड ने सख्त कार्रवाई की है ….इसके साथ ही एसएसपी अजय सिंह ने माता पिता औऱ आम नागरिकों से जागरूक रहने की अपील है…आइए आपको पूरी ख़बर बताते हैं
एसएसपी STF अजय सिंह की अभिभावकों से अपील 
बच्चो से सम्बन्धित ऑनलाईन यौन शोषण एवं आपत्तिजनक सामग्री प्रस्सारित करने के मामलों को गम्भीरता से लिया जा रहा है इसी कड़ी में बीते जून महीने में राज्यों के विभिन्न जनपदो में 52 FIR दर्ज करायी गयी है….उत्तराखण्ड राज्य में बच्चों से संबंधित ऑनलाइन यौन शोषण एवं आपत्तिजनक सामग्री के मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 के दौरान केवल मई माह में एनसीएमईसी (National Center for Missing & Exploited Children) से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर लगभग एक दर्जन एफआईआर दर्ज की गईं, माह जून-2026 एक माह की अवधि में 52 FIR दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
यह बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स एवं विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों का दुरुपयोग कर बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण, संग्रहण एवं साझा करने जैसी गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे अपराधों के विरुद्ध उत्तराखण्ड पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” नीति है तथा प्रत्येक मामले में विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
एसटीएफ साइबर क्राइम पुलिस की नागरिकों से अपील
किसी भी प्रकार की बाल अश्लीलता (Child Sexual Abuse Material) से संबंधित फोटो, वीडियो या लिंक को डाउनलोड, संग्रहित अथवा किसी अन्य व्यक्ति को साझा न करें।
2. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, क्लाउड स्टोरेज एवं मोबाइल उपकरणों का उपयोग करते समय सतर्क रहें तथा बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर अभिभावक नियमित निगरानी रखें।
3. यदि किसी व्यक्ति को बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री, संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि अथवा किसी प्रकार का साइबर अपराध दिखाई देता है, तो तत्काल इसकी सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
4. इंटरनेट पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभिभावक बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, अजनबियों से ऑनलाइन बातचीत के जोखिम तथा निजी जानकारी साझा न करने के बारे में जागरूक करें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देकर सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल समाज के निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करें।