Congress in Crisis उत्तराखंड कांग्रेस के अंदर कुछ तो पक रहा है…… कुछ ऐसा होने वाला है जिसकी आहट कांग्रेस भवन के अंदर महसूस की जा सकती है। भले ही अभी सम्भावना हो लेकिन हो सकता है आपको उत्तराखंड में कांग्रेस से निकल कर एक नई पार्टी खड़ी होती दिखाई दे जाएगी।
Congress in Crisis संभावनाओं पर चर्चाएं तेज़

- Congress in Crisis बीते कुछ महीनों में जिस तरह से कांग्रेस नेताओं के अंदर अपने वजूद को बचाने और अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर उठापटक शुरू हो गई है। उसके बाद ऐसी संभावना जताई जाने लगी है कि कई खेमों में बटी उत्तराखंड कांग्रेस की यह बागी और असन्तुष्ट टीम अलग होकर नई पार्टी बना ले । जिसकी कयादत हरक सिंह रावत जैसे मंझे हुए नेता कर सकते हैं।

- Congress in Crisis हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कांग्रेस में खेमेबाजी , गुटबाजी और तमाम नेताओं के अपने-अपने समर्थकों का एक ऐसा गुट है इसके बारे में जनता जनार्दन सब जानती है। वरिष्ठ नेता हो, मौजूदा विधायक हो , पूर्व मंत्री या फिर पार्टी संगठन से जुड़े छोटे बड़े नेता हों , कोई नहीं जानता कि उनका असल नेता और लीडर कौन है। अंदरखाने जब कांग्रेसियों से बात करते हैं तो साजिश , षणयंत्र , शिकायत और चुगलखोरी ही सुनाई देती है। ऐसा लगता है जैसे कांग्रेस भवन के हर कमरे में एक अलग ही कांग्रेस काम कर रही है ।

- Congress in Crisis इस बीच जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरक सिंह रावत , प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, करण महरा , यशपाल आर्य जैसे दिग्गजों ने अपना अपना राजनैतिक भविष्य तराशने के लिए अपने अपने मुताबिक पार्टी को चलाना शुरु किया है , तब से यह कयास भी लगने लगे हैं कि क्या कांग्रेस जल्द ही दो टुकड़े हो जाएगी ?

- Congress in Crisis बीते दिनों जिस तरह से उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा से डॉ हरक की छुट्टी हुई और वह कांग्रेस खेमे में आ गए, इसके साथ ही धामी सरकार में मंत्री रहे यशपाल आर्य भी कांग्रेस में लौटकर नेता प्रतिपक्ष बन गए , उसके वाद कांग्रेस के कई नेताओं ने अपना भविष्य तलाशने के लिए आप जॉइन कर ली। इधर टिहरी से बीजेपो विधायक किशोर उपाध्याय भी कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा चेहरा थे। लेकिन उन्होंने भी कांग्रेस के इसी अंदरूनी झगड़ों से आजिज़ आ कर राजनीतिक भविष्य के लिए एक कामयाब कदम उठाया और भाजपा में विधायक बन गए ।

- Congress in Crisis अब क्योंकि विधानसभा चुनाव दूर है और 2024 में लोकसभा का चुनाव होना है । ऐसे में कांग्रेस के बड़े नेता ज्यादा दिन तक खाली बैठना नहीं चाहते हैं । क्योंकि अब उनके राजनैतिक भविष्य का सवाल है । तो क्या प्रीतम सिंह , डॉ हरक सिंह रावत और कुछ खास विधायक और पूर्व विधायक मिलकर एक नई पार्टी बनाने जा रहे हैं ? और क्या उत्तराखंड में भाजपा, कांग्रेस , आम आदमी पार्टी के बाद एक और नई पार्टी का जन्म होगा ? इस बात के कयास लगने लगे हैं, क्योंकि तमाम बड़े नेता कांग्रेस भवन में बैठकर विपक्ष की भूमिका को मजबूत करने की बजाय अपने अपने राजनीतिक भविष्य के लिए अलग-अलग स्थानों पर मीटिंग और मंत्रणा कर रहे हैं… इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए तंज भरे शब्दों में अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जख्मी कर रहे हैं…. तो क्या उन्हें भी इस बात का अंदाजा लग गया है कि उत्तराखंड में कांग्रेस का एक धड़ा अलग राह पकड़ सकता है ?

- हालांकि यह कयास है, लेकिन राजनीति में कयास कब नए रंग रूप में सामने आ जाए कहा नहीं जा सकता … कब कौन सा नेता किस पार्टी का झंडा थाम ले इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती और जैसा कि सब ने देखा है बीते दिनों पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए गए थे। ऐसे में जल्द ही अगर आपको कांग्रेस पार्टी के अंदर से कोई बड़ी खबर दिखाई पड़ जाए तो आश्चर्य न कीजिएगा क्योंकि यह पहाड़ की राजनीति है…
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खबर काँग्रेस सूत्रों पंर आधारित है

