Dhan Singh Rawat अँधेरी रात मोबाईल लाइट में पथरीले रास्ते पर मंत्री धनदा

Dhan Singh Rawat  पहाड़ी पथरीला रास्ता , अँधेरी रात मौसम की चुनौती और मोबाईल की रौशनी में प्रदेश के सीनियर मिनिस्टर डॉ धन सिंह रावत आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे तो ग्रामीणों को थोड़ा तसल्ली जरूर मिली। आपको बता दें की कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राठ क्षेत्र के अपने निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण विभिन्न गांवों में हुए नुकसान की जानकारी मिलने पर उन्होंने पैठाणी में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बाद चाकीसैंण तहसील के डुंगरी तल्ली गांव का रुख किया। यहां उन्होंने आपदा से प्रभावित 23 परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और नुकसान का जायजा लिया।

कार्यक्रम स्थगित कर आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत Dhan Singh Rawat 

आपदा के कारण कई स्थानों पर सड़क एवं संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बावजूद डॉ. रावत पैदल चलकर प्रभावित गांव तक पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने सड़क एवं संपर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने सहित अन्य समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।

आपदा प्रभावित डूंगरी तल्ली पहुंचे मंत्री डॉ धन सिंह रावत
डॉ. रावत ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों एवं संपर्क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही, प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। राहत, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की बहाली से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

राहत एवं पुनर्वास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता – डॉ. धन सिंह रावत

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, संपर्क मार्ग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से भी प्रशासन के साथ सहयोग करने तथा आपदा के बाद आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की।