Digestive Disorders पेट दर्द को गंभीर बना देता है ‘बायोलॉजिकल कारण’

Digestive Disorders  क्या आपने कभी सोचा है कि महिलाओं को पेट में तेज दर्द और ऐंठन की शिकायत अक्सर क्यों होती है? क्या यह सामान्य है या इसके पीछे कोई गहरा राज छिपा है? वर्षों से चिकित्सा जगत के लिए यह एक पहेली बना हुआ था कि आखिर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (आंत संबंधी) दर्द महिलाओं को ही अपना शिकार ज्यादा क्यों बनाता है, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है। एक नए अध्ययन में उस ‘बायोलॉजिकल कारण’ का पता चल गया है जो महिलाओं के पेट दर्द को अधिक गंभीर बना देता है।

एस्ट्रोजन हार्मोन की मुख्य भूमिका Digestive Disorders 

Digestive Disorders 
इस अध्ययन में खुलासा हुआ है कि महिलाओं में पेट के गंभीर दर्द के पीछे मुख्य कारण ‘एस्ट्रोजन’ हार्मोन है। शोध के अनुसार, एस्ट्रोजन आंत के हार्मोन के स्राव को बढ़ा देता है। यह प्रक्रिया सेरोटोनिन के उत्पादन को उत्तेजित करती है, जो सीधे तौर पर उन तंत्रिकाओं को संवेदनशील बना देता है जो दर्द का संकेत दिमाग तक पहुंचाती हैं।

कैसे हुआ शोध?
यह महत्वपूर्ण खोज दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य और चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से की गई है। इस अध्ययन के लिए उन्होंने नर और मादा चूहों के मॉडल का तुलनात्मक विश्लेषण किया। शोध में एक ऐसे ‘एस्ट्रोजन-निर्भर मार्ग’ का पता चला, जो आंत को विषाक्त उत्तेजनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील बना देता है।

दर्द का वैज्ञानिक कारण
शोधकर्ता स्टुअर्ट ब्रियरली ने इस प्रक्रिया को बहुत ही सरल शब्दों में समझाया है:

एस्ट्रोजन आंत में एक विशेष मार्ग को सक्रिय करता है।
इससे आंत में ‘पीवाईवाई’ नामक हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है।
यह पीवाईवाई अपने आसपास मौजूद सेरोटोनिन बनाने वाली कोशिकाओं (एंटरोक्रोमाफिन) को उत्तेजित करता है।
नतीजतन, सेरोटोनिन का उत्पादन बढ़ता है और यह उन नसों को बेहद संवेदनशील बना देता है जो मस्तिष्क को दर्द का संदेश भेजती हैं।

पाचन और बैक्टीरिया का प्रभाव
अध्ययन में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। जब हमारे पेट में मौजूद बैक्टीरिया भोजन को पचाते हैं, तो ‘अल्प-श्रृंखला वसा अम्ल’ (Short-chain fatty acids) उत्पन्न होते हैं। एस्ट्रोजन की मौजूदगी के कारण महिलाओं की आंत इन अम्लों के प्रति बहुत अधिक प्रतिक्रिया देने लगती है, जिससे दर्द की अनुभूति बढ़ जाती है। यह अध्ययन चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अब तक महिलाओं में होने वाले आंत संबंधी दर्द विकारों के सटीक कारणों को समझा नहीं गया था।