Divorce Month जनवरी साल का पहला महीना होता है। इस महीने को लोग अपनी नई शुरुआत की तरह मानते हैं। नए साल पर कई लोग रेजोल्यूशन को आगे बढ़ाते हैं। पहले महीने में कुछ लोग नए संकल्प लेते हैं। ये सभी बातें हम सभी जानते हैं।इन सब के बीच कुछ लोगों को यह ऐहसास होता है कि वह जिस शादी में रह रहे हैं वह उसमें खुश नहीं हैं। नए साल की शुरुआत में कई लोग अपने जीवन में बदलाव चाहते हैं। शादी से बाहर निकलने के बाद उनकी जिनकी बदल जाती है। यही वजह है कि जनवरी को अनऑफिशियल डिवोर्स मंथ कहा जाता है। आइए जानते हैं जनवरी में रिश्ता टूटने का मुख्य कारण क्या है ?
जनवरी को कहा जाता है ‘डिवोर्स मंथ’ Divorce Month

जनवरी के महीने में नई शुरुआत की चाहत होती है। कई लोग एक नाखुश शादी से बाहर निकलने के लिए इसे अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लेते हैं। कुछ स्टडी के मुताबिक नए साल में लोग पुराने दुखों से पीछे छोड़ने सही मानते हैं।
क्या कहती है रिसर्च?
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के मुताबिक जनवरी में तलाक के केस करीब 33% तक बढ़ जाते हैं। जबकि नवंबर और दिसंबर के महीने में केस लगभग 50% तक कम हो जाते हैं। 2001 से 2015 तक अमेरिका के कई राज्यों के डेटा का विश्लेषण करने पर यह पैटर्न हर साल और हर जगह लगभग एक-सा पाया गया।
ऐसा क्यों होता है?
दरअसल नवंबर और दिसंबर के महीने में लोग त्योहार, परिवार और बच्चों की वजह से रिश्ते तोड़ने का फैसला टाल देते हैं। जनवरी आते ही लोग अपने जीवन के बारे में दोबारा सोचते हैं। जनवरी के महीन में वकीलों के पास तलाक से जुड़े केस 25 से 30% तक ज्यादा आता है। इतना ही नहीं हर बार की तरह इस बार भी 2025 में डिवोर्स और कैसे डिवोर्स ले सकते हैं जैसे शब्दों की इंटरनेट सर्च अचानक बढ़ गई थी।
विचारों का न मिलना
आपसी मतभेद
पैसों को लेकर झगड़े
पार्टनर का धोखा देना

क्या सभी लोग ऐसा मानते हैं?
नहीं कुछ विशेषज्ञ इस दावे से सहमत नहीं है कि जनवरी में ही सबसे ज्यादा तलाक होते हैं। सैन डिएगो की Wilkinson and Finkbeiner लॉ फर्म के सह-संस्थापक डेविड के. विल्किंसन ने कहा कि तलाक की संख्या कई कारणों पर भी निर्भर करती है। सिर्फ महीने पर नहीं। उन्होंने आगे कहा कि जनवरी में तलाक के बारे में सोचना शुरू करते हैं तो मार्च असल में तलाक फाइल करने का ज्यादा व्यस्त महीना हो सकता है।

