देहरादून से अनीता तिवारी की रिपोर्ट –

ENT Indresh Hospital अगर आप अपने बच्चों को लेकर लापरवाह रहते हैं तो हमारी इस खबर को जरा गौर से पढ़ लीजिए , क्योंकि आपकी लापरवाही आपके छोटे-छोटे बच्चों पर जानलेवा आफत बनकर टूट सकती है ।
ENT Indresh Hospital बच्चों को प्लास्टिक , नुकीली चीजों से रखें दूर

ENT Indresh Hospital जी हां यह खबर देहरादून के सबसे प्रतिष्ठित और अनुभवी डॉक्टरों से समृद्ध महंत इंद्रेश हॉस्पिटल की है जहां के सर्जन इन दिनों मसीहा बनकर उपलब्धि हासिल कर रहे हैं । आपको यकीन नहीं होगा लेकिन सच्चाई यह है कि एक 5 साल के बच्चे के गले में जब सीटी फस गई तो उसके मां-बाप के होश उड़ गए और उसे लेकर वह तमाम अस्पतालों के चक्कर काटने लगे । लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी , ऐसे में जब हताश और निराश माता पिता ने अपने बच्चे को लेकर महंत इंद्रेश हॉस्पिटल के ईएनटी सर्जनों का रुख किया तो उनकी आंखों में उम्मीद की रोशनी चमक गई। फिर उसके बाद वह हुआ जिसे मेडिकल साइंस में चमत्कार कहते हैं । महंत इंद्रेश हॉस्पिटल के सर्जन की टीम ने न सिर्फ बच्चे के गले में फंसी सीटी को निकाला बल्कि बेहद कम और आसान तरीके से बच्चे की जिंदगी को भी बचा लिया। जिसके बाद इस खबर ने महंत इंद्रेश हॉस्पिटल की टीम को और भी मशहूर कर दिया है । क्या है पूरा मामला हम आपको बता देते हैं।

- ENT Indresh Hospital देहरादून में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नाक कान गला रोग विभाग के डॉक्टरों ने पॉच वर्षीय बच्चे की श्वास नली में फंसी सीटी को निकालकर बच्चे को नया जीवन दिया। श्वास नली में सीटी फंसने के कारण बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। ऑपरेशन के बाद बच्चा बिल्कुल ठीक है व बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यह जानकारी नाक कान गला रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अपूर्वा कुमार पाण्डे ने दी।

- ENT Indresh Hospital डॉ अपूर्वा पाण्डे ने बताया कि एक पॉच वर्षीय बच्चे केे परिजन बच्चे को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए। बच्चे के पिता ने जानकारी दी कि खेल खेल में बच्चे ने सीटी को निगल लिया। उन्होंने बताया कि वह उत्तराखण्ड के कई अन्य बड़े अस्पतालों में उपचार के लिए गए लेकिन बच्चे की समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद वह बच्चे को लेकर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल आए। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर व ईएनटी सर्जन डॉक्टर शरद हरनौट और डॉ ऋषभ डोगरा ने बच्चे की सफल सर्जरी कर श्वास नली से सीटी को बाहर निकाला। बच्चे के माता पिता ने डॉक्टरों व श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल का आभार जताया।

- ENT Indresh Hospital डॉ शरद हरनौट ने कहा कि माता पिता बच्चों को प्लास्टिक के खिलौनी सीटी आदि को देते समय सजग रहें। खेल खेल में कई बार बच्चे मूंह या नाक के रास्ते प्लास्टिक का कोई छोटा टुकड़ा या खिलौना निगल लेते हैं जो बड़ी लापरवाही भी हो सकती है। माता पिता इस बात का ध्यान रखें कि छोटे बच्चों को प्लास्टिक या अन्य खिलौने को देने से पूर्व पूरी सावधानी रखें। ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ अपूर्वा पाण्डे, डॉ त्रिप्ती ममगाईं, डॉ अरविंद वर्मा, डॉ ललित पोखरिया, एनेस्थैटिस्ट डॉ स्वाती, डॉ अमृता सिस्टर डोल्मा, बद्रर राजीव आदि का विशेष सहयोग रहा।
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