judgmental person हमारे आसपास कई तरह के लोग मौजूद होते है, जिनका आचरण एक दूसरे से बिल्कुल जुदा होता है। इसमें कोई दोराय नहीं कि हर व्यक्ति खुद को अन्य लोगों की तुलना में कुशल, सहनशील और दयालु मानने लगता है और अन्य लोगों में बेवजह खामियां तलाश करने लगता है। मगर ऐेसी प्रक्रिया तुलनात्मक व्यवहार का कारण साबित होती है, जिससे मन में चितांए और मनमुटाव बढ़ने लगता है। साथ ही अन्य लोगों से जाने अनजाने में दूरियां भी बढ़ जाती हैं। सबसे पहले समझते हैं कि जजमेंटल इंसान किसे कहते है और किन संकेतों से इस तरह के लोगों की पहचान की जा सकती है।
क्या आप भी हैं जजमेंटल पर्सनालिटी वाले ? judgmental person

निर्णायक व्यक्ति ऐसे इंसान को कहा जाता है, जो इस तरह से सोचता, बोलता या व्यवहार करता है जो एक आलोचनात्मक और निंदात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। ऐसे लोग दूसरे व्यक्ति, लोगों के समूह, विचार या स्थिति में कमियाँ ढूँढ़ते हैं। इसका असर जजमेंटल व्यक्ति (judgmental person) पर भी दिखने लगता हैं। वो हर समय तनाव और चिंता से घिरा रहता है।इस बारे में मनोचिकित्सक बताते हैं कि अक्सर अपनी राय को सही मानकर दूसरे में कमियां खोजने वाले लोग जजमेंटल कहलाते हैं। ऐसे लोग किसी अन्य व्यक्ति के विषय में अपनी राय ज़ाहिर करने लगते है। वे मन मुताबिक अन्य व्यक्ति के व्यक्तित्व से लेकर आचरण तक को प्रदर्शित करती है।

जजमेंटल व्यक्ति के संकेत
1. बिना पूछे सलाह देना
ऐसे लोग खुद को समझदार और हर चीज़ के जानकार मानते हैं। वो बिना किसी सवाल के अपनी सलाह खुद देने लगते हैं। उनके अनुसार वे हर चीज़ को बेहतर तरीके से समझते हैं और अपनी सलाह को मानने के लिए अन्य लोगों को बाध्य करते हैं।
2. दूसरों की राय को नज़र अंदाज़ करना
जजमेंटल लोगों का व्यवहार जिद्दी होता है और व दूसरों से आगे निकलने की चाह में रहते हैं। ऐसे में अन्य लोगों को खुद से कम आंकने लगते है और अपनी राय को सर्वोपरी मानते हैं। दूसरों की राय को महत्व नहीं देते है और उन्हें अपने जीवन में शामिल भी नहीं करते हैं।
3. खुद को सही बताना
दूसरों से अपनी तुलना करते हुए ऐसे लोग अपने आप को सही और उचित मानने लगते हैं। वे अपने आप को सर्वश्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों की निंदा, झूठ और कमियां खोजने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। इससे व्यवहार में परिवर्तन आने लगता है।

4. ऊँचा बोलकर दूसरों को चुप करवाना
ऐसे लोग अन्य लोगों पर हावी होने लगते हैं। वे बातचीत के दौरान खुद को सही साबित करने के लिए ऊँचा बोलकर दूसरों की खामियां दर्शाते हैं। इससे आपसी मनमुटाव और तनाव बढ़ने लगता है। साथ ही रिश्तों में टकराव आने लगता है।
जजमेंटल व्यवहार से कैसे डील करें
1. व्यक्ति और परिस्थिति को समझें
किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले व्यक्ति की समस्याओं और परिस्थिति का ज़ायजा लें। इससे चीजों को समझने में मदद मिलती है और व्यक्ति के असल स्वभाव की जानकारी होती है। किसी भी राय को देने में जल्दबाज़ी करने से बचें।

2. सभी पहलुओं की जांच करें
अगर व्यक्ति के व्यवहार में अटपटापन महसूस हो रहा है, तो इसके कई कारण हो सकते है। ऐसे में किवल देखकर या कही सुनी बातों पर विश्वास करने से बचें। सभी पहलुओं को परखकर आगे बढ़ें और जानकारी एकत्रित करने का प्रयास करें।
3. माइंडफुलनेस है ज़रूरी
अपने दिमाग को शांत रखें और जजमेंटल होने से बचें। हर व्यक्ति के गुणों पर फोकस करें और व्यवहार को नकारात्मक होने से बचाएं। इसके लिए योग की मदद लें और दिन की शुरूआत में ध्यान लगाएं और प्रकृति के नज़दीक कुछ वक्त अवश्य बिताएं।
4. नकारात्मक लोगों से दूर रहें
ऐसे लोग जिनके विचार टॉक्सिक हैं, वो अक्सर निगेटीविटी को फैलाने लगते हैं। ऐसे में अपने विचारों की मज़बूती के लिए नकारात्मक लोगों से दूरी बनाकर रखें और आत्म चिंतन अवश्य करें। अपनी कमियों को समझकर आगे बढ़ने का प्रयास करें।
5. अपने विचारों को लिखें
हर वक्त अपनी प्रतिक्रिया देना अन्य लोगों के समक्ष आलोचना का शिकार बना सकता है। ऐसे में अपने विचारों को ज़ाहिर करने से पहले उन्हें रोज़ाना लिखने का प्रयास करें। इससे चीजों को समझने में मदद मिलती है और व्यक्ति अपनी खामियों को पहचानने लगता है।
judgmental person जजमेंटल इंसान किसे कहते है ?
judgmental person हमारे आसपास कई तरह के लोग मौजूद होते है, जिनका आचरण एक दूसरे से बिल्कुल जुदा होता है। इसमें कोई दोराय नहीं कि हर व्यक्ति खुद को अन्य लोगों की तुलना में कुशल, सहनशील और दयालु मानने लगता है और अन्य लोगों में बेवजह खामियां तलाश करने लगता है। मगर ऐेसी प्रक्रिया तुलनात्मक व्यवहार का कारण साबित होती है, जिससे मन में चितांए और मनमुटाव बढ़ने लगता है। साथ ही अन्य लोगों से जाने अनजाने में दूरियां भी बढ़ जाती हैं। सबसे पहले समझते हैं कि जजमेंटल इंसान किसे कहते है और किन संकेतों से इस तरह के लोगों की पहचान की जा सकती है।
क्या आप भी हैं जजमेंटल पर्सनालिटी वाले ? judgmental person
निर्णायक व्यक्ति ऐसे इंसान को कहा जाता है, जो इस तरह से सोचता, बोलता या व्यवहार करता है जो एक आलोचनात्मक और निंदात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। ऐसे लोग दूसरे व्यक्ति, लोगों के समूह, विचार या स्थिति में कमियाँ ढूँढ़ते हैं। इसका असर जजमेंटल व्यक्ति (judgmental person) पर भी दिखने लगता हैं। वो हर समय तनाव और चिंता से घिरा रहता है।इस बारे में मनोचिकित्सक बताते हैं कि अक्सर अपनी राय को सही मानकर दूसरे में कमियां खोजने वाले लोग जजमेंटल कहलाते हैं। ऐसे लोग किसी अन्य व्यक्ति के विषय में अपनी राय ज़ाहिर करने लगते है। वे मन मुताबिक अन्य व्यक्ति के व्यक्तित्व से लेकर आचरण तक को प्रदर्शित करती है।
जजमेंटल व्यक्ति के संकेत
1. बिना पूछे सलाह देना
ऐसे लोग खुद को समझदार और हर चीज़ के जानकार मानते हैं। वो बिना किसी सवाल के अपनी सलाह खुद देने लगते हैं। उनके अनुसार वे हर चीज़ को बेहतर तरीके से समझते हैं और अपनी सलाह को मानने के लिए अन्य लोगों को बाध्य करते हैं।
2. दूसरों की राय को नज़र अंदाज़ करना
जजमेंटल लोगों का व्यवहार जिद्दी होता है और व दूसरों से आगे निकलने की चाह में रहते हैं। ऐसे में अन्य लोगों को खुद से कम आंकने लगते है और अपनी राय को सर्वोपरी मानते हैं। दूसरों की राय को महत्व नहीं देते है और उन्हें अपने जीवन में शामिल भी नहीं करते हैं।
3. खुद को सही बताना
दूसरों से अपनी तुलना करते हुए ऐसे लोग अपने आप को सही और उचित मानने लगते हैं। वे अपने आप को सर्वश्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों की निंदा, झूठ और कमियां खोजने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। इससे व्यवहार में परिवर्तन आने लगता है।
4. ऊँचा बोलकर दूसरों को चुप करवाना
ऐसे लोग अन्य लोगों पर हावी होने लगते हैं। वे बातचीत के दौरान खुद को सही साबित करने के लिए ऊँचा बोलकर दूसरों की खामियां दर्शाते हैं। इससे आपसी मनमुटाव और तनाव बढ़ने लगता है। साथ ही रिश्तों में टकराव आने लगता है।
जजमेंटल व्यवहार से कैसे डील करें
1. व्यक्ति और परिस्थिति को समझें
किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले व्यक्ति की समस्याओं और परिस्थिति का ज़ायजा लें। इससे चीजों को समझने में मदद मिलती है और व्यक्ति के असल स्वभाव की जानकारी होती है। किसी भी राय को देने में जल्दबाज़ी करने से बचें।
2. सभी पहलुओं की जांच करें
अगर व्यक्ति के व्यवहार में अटपटापन महसूस हो रहा है, तो इसके कई कारण हो सकते है। ऐसे में किवल देखकर या कही सुनी बातों पर विश्वास करने से बचें। सभी पहलुओं को परखकर आगे बढ़ें और जानकारी एकत्रित करने का प्रयास करें।
3. माइंडफुलनेस है ज़रूरी
अपने दिमाग को शांत रखें और जजमेंटल होने से बचें। हर व्यक्ति के गुणों पर फोकस करें और व्यवहार को नकारात्मक होने से बचाएं। इसके लिए योग की मदद लें और दिन की शुरूआत में ध्यान लगाएं और प्रकृति के नज़दीक कुछ वक्त अवश्य बिताएं।
4. नकारात्मक लोगों से दूर रहें
ऐसे लोग जिनके विचार टॉक्सिक हैं, वो अक्सर निगेटीविटी को फैलाने लगते हैं। ऐसे में अपने विचारों की मज़बूती के लिए नकारात्मक लोगों से दूरी बनाकर रखें और आत्म चिंतन अवश्य करें। अपनी कमियों को समझकर आगे बढ़ने का प्रयास करें।
5. अपने विचारों को लिखें
हर वक्त अपनी प्रतिक्रिया देना अन्य लोगों के समक्ष आलोचना का शिकार बना सकता है। ऐसे में अपने विचारों को ज़ाहिर करने से पहले उन्हें रोज़ाना लिखने का प्रयास करें। इससे चीजों को समझने में मदद मिलती है और व्यक्ति अपनी खामियों को पहचानने लगता है।