Jyoti Rautela स्मार्ट सिटी देहरादून में एक अजीबोगरीब नजारा तब देखने को मिला जब नगर निगम के परिसर में विपक्षी कांग्रेस की तेज तर्रार महिला नेता ज्योति रौतेला कचरो के ढेर के साथ पहुंची और उन्होंने मेयर दफ्तर परिसर में ही कचरा उड़ेल दिया…..धर्मपुर विधानसभा के अंतर्गत कारगी कूड़ा डंपिंग यार्ड के विरोध में उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने नगर निगम घेराव किया और जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर तीखे सवाल उठाए हैं। इस अजीबोगरीब प्रदर्शन में दर्जनों महिलाएं भी कूड़े के ढेर लेकर पहुंची थी और निगम की कार्यशैली पर जमकर नारेबाजी करते हुए मेयर से मिलने की जिद पर अड़ी थीं लेकिन मेयर सौरभ अपने कमरे से बाहर नहीं आये इस पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भी भड़क गया।
मेयर दफ्तर परिसर में ही कचरा उड़ेल दिया Jyoti Rautela

देखिये वीडियो – महिलाओं ने फेंका कचरा https://youtu.be/VNvCePqbtmg?si=nXu-CBoaQTtqq1wN
आपको बता दें कि धर्मपुर विधानसभा स्थित कारगी कूड़ा डंपिंग यार्ड के स्थानांतरण एवं वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की माँग को लेकर उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में देहरादून नगर निगम कार्यालय में धरना-प्रदर्शन एवं घेराव किया गया।इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कारगी डंपिंग यार्ड से एकत्र किया गया प्रतीकात्मक कूड़ा नगर निगम कार्यालय परिसर में रखकर यह संदेश दिया गया कि जिस गंदगी और दुर्गंध के बीच स्थानीय नागरिक जीने को मजबूर हैं, उसकी जिम्मेदारी से नगर निगम बच नहीं सकता।प्रदर्शन के दौरान मेयर को दिया जाने वाला ज्ञापन सौंपने के लिए लगातार तीन घंटे तक प्रतीक्षा की गई, किंतु इसके बावजूद मेयर सौरभ थपलियाल जो इसी कार्यालय में मौजूद थे, ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए। यह रवैया जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

आखिरकार नगर आयुक्त नमामि बंसल ज्ञापन लेने आई, जिसे प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने उन्हें ज्ञापन दिया। नगर आयुक्त द्वारा शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के पश्चात धरना-प्रदर्शन को स्थगित किया गया।इस अवसर पर ज्योति रौतेला ने एक अहम सवाल उठाते हुए कहा कि क्यों कई दिनों तक कूड़ा जमा कर पहाड़ की तरह चढ़ाया जाता है और जनता को बीमारियों के हवाले छोड़ दिया जाता है?”

उन्होंने कहा कि कारगी कूड़ा डंपिंग यार्ड घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र के बीच स्थित है, जहाँ महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग लगातार बीमारियों, दुर्गंध और प्रदूषण का दंश झेल रहे हैं। यह न केवल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 का उल्लंघन है, बल्कि नागरिकों के स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन के संवैधानिक अधिकार पर भी सीधा हमला है।प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ही डंपिंग यार्ड के स्थानांतरण एवं वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उत्तराखंड महिला कांग्रेस जनहित में आंदोलन को और व्यापक करेगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।

