Kedarnath Snowfall बर्फ से ढकी चोटियों और चारों ओर फैली सफेद चादर के बीच केदारनाथ धाम का नजारा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। मौसम की चुनौतियों के बावजूद बाबा केदार के दर्शन की आस्था यात्रियों को धाम तक खींच ला रही है।केदारनाथ धाम ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। चारों ओर फैली बर्फ से धाम की खूबसूरती देखते ही बन रही है। शुक्रवार को भी धाम में बर्फबारी जारी रही। खराब मौसम और बढ़ती ठंड के बावजूद बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। बर्फ से ढकी चोटियों और धाम के नजारे को देखकर यात्री मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।

धाम में लगातार गिरते तापमान के बीच प्रशासन और पुलिस की टीमें यात्रा व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े पहनने, स्वास्थ्य का ध्यान रखने और मौसम के अनुरूप यात्रा करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने प्रतिकूल मौसम को देखते हुए यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।इधर, शुक्रवार सुबह से जनपद के निचले इलाकों में भी मौसम खराब बना रहा। जनपद मुख्यालय सहित गुप्तकाशी, फाटा, जखोली और ऊखीमठ में आसमान बादलों से ढका रहा।

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में गुरुवार सुबह हुई बर्फबारी से बाबा केदार की नगरी बर्फ की सफेद चादर में लिपट गई। ऊंची चोटियों और धाम के आसपास बर्फबारी के बाद मौसम का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया। बर्फ से ढके धाम को देखकर श्रद्धालु उत्साहित नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने इस मनमोहक दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया, तो कुछ सेल्फी लेकर इन यादगार पलों को संजोते दिखाई दिए।

हालांकि, बर्फबारी के चलते धाम में ठंड बढ़ गई है। मौसम में आए बदलाव का असर जनपद के निचले क्षेत्रों में भी देखने को मिला। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग के साथ ही ऊखीमठ, गुप्तकाशी, जखोली और बसुकेदार क्षेत्र में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। कई स्थानों पर हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते मौसम ने सर्दी का अहसास बढ़ा दिया है।केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 11 नवंबर को बंद होने हैं। कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के साथ ही बाबा केदार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। ठंड और बर्फबारी के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कमी नजर नहीं आ रही है।

