Kuber Mandir भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है। यहां के मंदिरों के रहस्य और चमत्कारों की कहानियां प्रचलित हैं, तो कुछ आस्था और विश्वास के चलते दुनिया भर में प्रचलित हुए हैं। ऐसा ही एक मंदिर धन के देवता कुबेर का है। लोगों का मानना है कि इस मंदिर में दर्शन करने से व्यक्ति की गरीबी दूर होती है। उत्तराखंड भारत का एक ऐसा राज्य है जहां सबसे अधिक भक्त पहुंचते हैं, क्योंकि हरिद्वार, ऋषिकेश, केदारनाथ और बद्रीनाथ आदि कई पौराणिक जगहें इसी राज्य में स्थित हैं। इसलिए इसे देवों की भूमि भी कहा जाता है। इस पौराणिक राज्य में एक ऐसा ही कुबेर मंदिर है, जहां हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस मंदिर में दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं।
आइए इस कुबेर मंदिर के बारे में जानते हैं Kuber Mandir

धन के देवता कुबेर देव का यह मंदिर देवभूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है। इस मंदिर को जागेश्वर धाम के नाम से जाना जाता है। यहां रोजाना बहुत से श्रद्धालु गरीबी से छुटकारा पाने की इच्छा से आते हैं। कहते हैं जिस व्यक्ति पर कुबेर देव की कृपा हो जाए, तो उसे धन, यश, कीर्ति आदि की प्राप्ति होती है। इस मंदिर में रोजाना लोग अपनी इच्छाओं को लेकर पहुंचते हैं और पूजा-पाठ करते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से व्यक्ति को धन लाभ के साथ तरक्की भी मिलती है और जीवन में आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

सोने चांदी के सिक्के चढ़ाना- कुबेर देव के इस मंदिर में लोग दर्शन करने के अलावा सोने या चांदी के सिक्के चढ़ाते हैं और पूजा करने के बाद सिक्के को पीले रंग के कपड़े में बांधकर घर ले जाते हैं। लोगों का मानना है कि यहां दर्शन करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। वहीं जब मनोकामनाएं पूरी होती हैं, तब लोग यहां कुबेर देव को खीर का भोग भी लगाते हैं।

मंदिर का इतिहास-
जागेश्वर धाम परिसर में स्थित 125 मंदिर समूह में से एक धन के देवता कुबेर का मंदिर विराजमान है। यह भारत का आठवां कुबेर मंदिर है। यह मंदिर भी 9वीं शताब्दी का बताया जाता है। प्राचीन काल का कुबेर देव का मंदिर भक्तों के लिए आस्था का मुख्य केंद्र है। शक्ति रूप में यहां एकमुखी शिवलिंग में कुबेर भगवान विराजमान हैं। दूर-दूर से लोग मंदिर में दर्शन भगवान कुबेर के दर्शन करने आते हैं।

