Lakhpati Didi कोई काम न मुश्किल होता है और न असंभव अगर उसके पूरा होने की शर्त को मान लिया जाए …. वो शर्त है लगन और हौसला जो देहरादून के रायपुर की ग्राम पंचायत मालदेवता की रेखा चौहान ने दिखाया और आज अपने साथ साथ कई महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा बनी है। इनका साथ देहरादून का जिला प्रशासन ने दिया और योजनाओं की जानकारी और उसका लाभ उठाते हुए रेखा अब स्वरोजगार कर रही है। उनकी ये कहानी ये साबित करती है कि अगर हौसला, कौशल और सही मार्गदर्शन मिले तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं। खेती के साथ आधुनिक युग के अवसरों को अपनाकर रेखा चौहान आज न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं।
रेखा चौहान ने अपने जीवन को नई दिशा दी Lakhpati Didi

सुनिए अपनी सफलता पर क्या कह रही हैं रेखा चौहान – Lakhpati Didi https://youtu.be/hXFs6DL7MAA?si=muZmR-o1i6j37c_Q
धामी सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर रेखा चौहान ने आज अपने जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने खेती से अपने पारंपरिक जुड़ाव को बनाए रखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाओं का लाभ उठाया और “प्रज्ञा ब्यूटी पार्लर, कॉस्मेटिक एवं गिफ्ट शॉप” की शुरुआत की।रेखा चौहान की यह पहल केवल स्वरोजगार तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने साथ गांव की एक अन्य महिला को भी रोजगार प्रदान किया है, जिससे वे अब जॉब सीकर से जॉब गिवर की भूमिका में आ चुकी हैं।

जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया बताया की रेखा चौहान हमारे प्रगति स्वयं सहायता समूह की महिला है। जिन्होंने पिछले वर्ष से ही कॉस्मेटिक और गिफ्ट शॉप की दुकान का संचालन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि रेखा खेती के साथ कॉस्मेटिक की दुकान से 25 से 30 रुपए की आय अर्जित कर अपने आप को सशक्त बनाया है। साथ ही लखपति दीदी की दौड़ में भी अग्रसर है।

रेखा का यह कदम ग्रामीण क्षेत्र में महिला उद्यमिता और रोजगार सृजन का सशक्त उदाहरण है। रेखा का कहना है कि सरकारी योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने उन्हें आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती दी। आज वे अपने परिवार की आय में योगदान देने के साथ-साथ उत्तराखंड की महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

