Special Story By : Anita Tiwari , Dehradun

Manish Khanduri उत्तराखंड 2022 का विधानसभा चुनाव जब से संपन्न हुआ है और प्रदेश में अप्रत्याशित रूप से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है , उसके बाद से ही प्रदेश कांग्रेस में रार मची हुई है… हर एक दिन एक नए कयास का जन्म होता है।

Manish Khanduri क्या कांग्रेस छोड़ लौटेंगे भाजपा की ओर ?
- Manish Khanduri प्रदेश कांग्रेस कमेटी में हर वक्त यह अफवाह मजबूत होती रहती है कि कोई भी नेता कभी भी पार्टी छोड़कर किसी दूसरी पार्टी का दामन थाम सकता है। वहीं विधानसभा चुनाव में मिली हार का जिम्मेदार कौन है इस बात को लेकर भी बयानों के जरिए कांग्रेस के नेता एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ने में अभी भी जुटे हुए हैं।

- Manish Khanduri लगभग 1 महीने की कसरत और उठापटक के बाद प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर जब से करन माहरा ने कुर्सी संभाली है तबसे इस्तीफे और विरोध के नए-नए मामले सामने आते रहे हैं। इसके साथ ही बीते महीने में जिस तरह से नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी को लेकर हाय तौबा मची उसने भी कांग्रेस की फजीहत कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है । जिस समय कांग्रेस को मजबूत और एकजुटता के साथ एक मजबूत विपक्ष के रूप में दिखना चाहिए इसके उलट पहाड़ में कांग्रेस और कांग्रेसी नेताओं की जुबान दोनों ही फिसल रही है।

- Manish Khanduri इन हालातों का फायदा भाजपा जैसी प्रोफेशनल पार्टी उठाना बखूबी जानती है। तभी तो भाजपा खेमे से आए दिन कांग्रेस के विधायकों, दिग्गज नेताओं को पार्टी में शामिल कराने जैसी अफवाह को हवा देने में काफी मजा आ रहा है। हर दिन यह कयास लगाए जाते हैं कि आज कौन सा कांग्रेसी नेता भाजपा का दामन थाम लेगा ? ऐसे में कभी प्रीतम सिंह , कभी हरीश रावत , तभी हरीश धामी तो कभी किसी और नेता का नाम सामने आता रहता है। ऐसे में संभावनाओं के बादल एक ऐसे नेता पर भी मंडराता नजर आ रहा हैं, जो मूल रूप से भाजपा कैडर का ही है। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी एक दिग्गज भाजपा नेता के साथ जुड़ा है । लेकिन आज वह कांग्रेस में अपना वजूद तलाश रहे हैं ।

- Manish Khanduri कयासों और सूत्रों के हवाले से अगर बात करें तो बताया जाए जा रहा है कि उन्हें एक बार फिर भाजपा से जोड़ने के लिए पार्टी , परिवार और कुछ खास मित्र पृष्ठभूमि तैयार कर चुके हैं । सूत्र बताते हैं कि अब इंतजार उस खास टाइमिंग का है जब हाथ का साथ छोड़ कर भगवा के रंग में रंगे नजर आएंगे । क्योंकि इस वक्त प्रदेश में उनकी बहन एक अहम जिम्मेदारी पर पहुंच चुकी है । ऐसे में जिस एक नेता के भाजपा में शामिल होने की बात बीते कुछ दिनों से कहीं जा रही है वह संभावित नाम मनीष खंडूरी का हो तो कोई हैरानी नही होगी ।

- Manish Khanduri आपको बता दें कि कांग्रेस में शामिल कराने के बाद पार्टी ने खंडूरी नाम का खूब इस्तेमाल किया और सियासी फायदा उठाने की कोशिश की लेकिन उम्मीद के मुताबिक फायदा न खंडूड़ी को मिला न कांग्रेस को , ये अलग बात है कि कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 (Uttarakhand Assembly Election 2022) के पहले जनता को पार्टी से जोड़ने के लिए मनीष खंडूरी (Manish Khanduri) के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई थी। लेकिन कामयाबी उम्मीद से उलट रही और हश्र सबको पता है ।

- Manish Khanduri 2019 में गढ़वाल सीट से सांसद का चुनाव लड़ चुके मनीष खंडूरी को ये अहम ज़िमेदारी दी गई थी , ताकि खंडूरी नाम कांग्रेस के भी काम आ सके। आज दोनों ही नाम एक दूसरे के काम नहीं आ रहे हैं ऐसे में सियासी और साहफ़ी दोनों बिरादरी में कमज़ोर कडी के तौर पर मनीष खंडूरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। उत्तराखंड में गढ़वाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे मनीष खंडूड़ी को इंजीनियरिंग और मीडिया के क्षेत्र में महारथ हासिल है। इनका राजनीतिक सफर भी डांवाडोल हालत में शुरू हुआ था। जो आज भी कांग्रेस में कशमकश कर रहा है।

- Manish Khanduri हालांकि यह खबर पूरी तरह से सूत्रों और संभावनाओं पर आधारित है। लेकिन जिस तरह से बीते कुछ महीनों में कांग्रेस के कार्यक्रमों , धरना प्रदर्शन और कांग्रेस भवन में मनीष खंडूरी बेरंग और बुझे बुझे से नजर आते रहे हैं उससे अब इन संभावनाओं को बल मिल गया है कि कांग्रेस से मनीष खंडूरी का मोह लगभग भंग हो गया है। ऐसे में बहुत संभव है कि उनकी बहन और विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण और भाजपा के उनके मित्र उन्हें एक बार फिर पार्टी में शामिल कराने में कामयाब हो जाएं। जो कांग्रेस के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बहुत बड़ा नहीं तो एक हद तक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
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