Marriage Tradition आप भी सोच रहे होंगे कि ऐसी क्या वजह हो सकती है जिससे आप जिंदगी भर कुंवारे रह जायेंगे ? लेकिन दुनिया भर के अनोखे रिवाज और परम्पराएं ऎसी ही हैं। अब अगर आपको अपने दादा जी के पिता का नाम याद नहीं है, तो शायद कजाकिस्तान में आप हमेशा के लिए कुंआरे ही रह जाएंगे. जी हां, सोशल मीडिया पर इन दिनों कजाकिस्तान की एक ऐसी अनोखी परंपरा (Kazakhstan Unique Marriage Tradition) वायरल हो रही है, जिसने दुनिया भर के सिंगल लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं.

आपको जानकर हैरानी होगी कि कजाकिस्तान में शादी की बात चलाने से पहले लड़का-लड़की की कुंडली नहीं देखी जाती, बल्कि उनके सातों पूर्वजों (Zheti Ata) के नाम पूछे जाते हैं. मसलन, आपको अपनी पिछली 7 पीढ़ियों के वंश की पूरी जानकारी होनी चाहिए. दरअसल, कजाख समाज में यह माना जाता है कि सातवीं पीढ़ी तक अगर कोई कॉमन पूर्वज निकल आया, तो फिर लड़का-लड़की भाई-बहन कहलाएंगे.
परंपरा के पीछे क्या है मकसद ?
कजाकिस्तान की इस अनोखी परंपरा का एक ही उद्देश्य है, और वो है करीबी रिश्तेदारों में शादी को रोकना, ताकि आने वाली पीढ़ी सेहतमंद हों और उनमें कोई जेनेटिक बीमारियां न फैलें.
‘किडनैपिंग’ की भी है परंपरा !
सिर्फ वंशों के नाम ही नहीं, इस देश की संस्कृति में शादी के तरीके भी काफी फिल्मी हैं. अगर किसी कपल के पास शादी का भारी-भरकम खर्च उठाने के पैसे नहीं होते, तो वे ‘किडनैपिंग’ का सहारा लेते हैं. घबराइए मत, यह अक्सर लड़की की मर्जी से होता है. ‘दुल्हन के अपहरण’ की इस अनोखी परंपरा को यहां ‘अलाकाचू’ (Alakachu) कहते हैं.

इसके अलावा यहां लड़का दहेज लेता नहीं, बल्कि देता है. दूल्हा, दुल्हन के परिवार को पैसे या तोहफे देता है, और इसे उसकी आर्थिक क्षमता और लड़की के परिवार के प्रति सम्मान के तौर पर देखा जाता है. इसे खलीम (Khalim) कहते हैं. सोशल मीडिया पर जैसे ही यह खबर वायरल हुई, नेटिजन्स खासकर भारतीयों ने कमेंट्स की झड़ी लगा दी. कुछ यूजर्स ने इसे गुजरात की पुरानी परंपराओं से जोड़ा, तो कुछ नेटिजन्स ने अरुणाचल प्रदेश के रीति-रिवाजों से इसकी तुलना की. लोगों का कहना है कि विज्ञान और परंपरा का ऐसा मेल वाकई दिलचस्प है.

