देहरादून से अनीता तिवारी की विशेष रिपोर्ट –

Mckinsey in Uttarakhand पहाड़ में चुनौतियाँ हज़ार हैं। लोगों की अपेक्षांएं और ज़रूरतें अपार है। ऐसे में अब धामी सरकार को अमेरिकन कम्पनी पर ऐतबार है। जी हाँ सही पढ़ा आपने , उत्तराखंड सरकार ने मैकेंजी ग्लोबल कंपनी से दो साल के लिए करार किया है। जिसने अर्थव्यवस्थ सुधारने का जिम्मा लिया है। विश्व के नामी उद्यमियों से यह कंपनी प्रदेश में निवेश कराएगी।इसके साथ ही यह कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजार मुहैया कराएगी।राज्य सरकार के अगले पांच साल में राज्य की आर्थिक विकास दर (जीडीपी) दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में कंपनी सहयोग करेगी। राज्य में अभी 7.05 प्रतिशत जीडीपी का अनुमान है।
Mckinsey in Uttarakhand दो साल के लिए करार किया

- Mckinsey in Uttarakhand सरकार ने कंपनी के साथ दो साल का करार किया है और छह महीने में कंपनी विकास की संभावनाओं वाले उन क्षेत्रों का चयन करेगी, जिनमें वह देश और दुनिया के नामी विशेषज्ञ कंपनियों से निवेश करा सकती है। सचिव नियोजन डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक, मैकेंजी ग्लोबल कंपनी किसी राज्य में पहली बार काम करेगी।

- Mckinsey in Uttarakhand छह महीने कंपनी राज्य में उन सेक्टरों का चयन करेगी, जिनमें नए निवेश और सुधारों के जरिये तरक्की की जा सकती है। बाकी के डेढ़ साल में चिह्नित क्षेत्रों में निवेश के लिए नामी कंपनियों को लाएगी। एजेंसी फसलों और उत्पादों की पैदावार में वृद्धि और उनकी गुणवत्ता में सुधार के लिए निवेश कराएगी। उत्पादों को निर्यात बाजार दिलाने का भी काम करेगी। यदि कंपनी बेहतर परिणाम देगी, तो उसके करार को आगे बढ़ाया जाएगा।

- Mckinsey in Uttarakhand मैकेंजी ग्लोबल को अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त है। वियतनाम में कंपनी ने चुनिंदा उत्पादों चावल, कॉफी, केला, मशरूम पर काम किया है। उनकी गुणवत्ता सुधारी, पैदावार बढ़ाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया। इससे वहां की आर्थिकी सुधार हुआ।
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