MDDA Park एमडीएम ने फूंकी जान – बंशीधर के विजन ने दी नई पहचान

MDDA Park  कई दशकों से सैलानियों की फेवरेट डेस्टिनेशन है देहरादून जहाँ मौजूद है अनेकों घुमक्क्ड़ी लोकेशंस जहाँ टूरिस्टों का जमावड़ा बना रहता है। प्राकृतिक स्थलों के अलावा यहाँ के खूबसूरत पार्क भी हमेशा से सैर और पिकनिक का ठिकाना बने हुए है। अब इसमें एमडीडीए ने एक और नाम जोड़ दिया है मियावाला तालाब जो अब आपके लिए एकदम नए कलेवर और रंग में लुभाने और आपका वेलकम करने को तैयार है। दरअसल आम आदमी से जुड़ी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण शहर के पुराने प्राकृतिक तालाबों, जल स्रोतों और पार्कों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण करते हुए उन्हें नया जीवन दे रहा है।

पार्कों और जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा – बंशीधर तिवारी MDDA Park 

देहरादून के मियावाला क्षेत्र में एक पुराने प्राकृतिक तालाब को विकसित कर लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक तालाब तथा पार्क के रूप में तैयार किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।मियावाला पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े पुराने प्राकृतिक तालाब के कायाकल्प के बाद तैयार इस पार्क का लोकार्पण हो गया है। एमडीडीए ने लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना को क्षेत्र के विकास और पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया । तेजी से शहरीकरण के दौर में जहां प्राकृतिक जल स्रोत और हरित क्षेत्र लगातार सिमटते जा रहे हैं, वहीं एमडीडीए द्वारा इन संसाधनों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

पार्क में आधुनिक सुविधाओं का समावेश
नए विकसित पार्क में आमजन की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्क का मुख्य द्वार उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में बनाया गया है, जो स्थानीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। इसके अलावा पार्क में योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, कैन्टीन, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षा के लिए रेलिंग, आकर्षक गज़ीबो, व्यवस्थित वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच और हरियाली से भरपूर खुले क्षेत्र विकसित किए गए हैं।

शहर की सुंदरता और हरियाली को मिलेगा बढ़ावा
एमडीडीए द्वारा इस तरह की परियोजनाएं न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ा रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। जलाशयों के संरक्षण से भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं हरित क्षेत्रों के विस्तार से प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। मियावाला में विकसित यह पार्क न केवल एक विकास परियोजना है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि यदि योजनाओं को सही दिशा और दृष्टि के साथ लागू किया जाए, तो विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।

पुराने जल स्रोत को मिला नया जीवन- बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि मियावाला परियोजना इसी सोच का परिणाम है, जहां एक पुराने जल स्रोत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है। उपाध्यक्ष तिवारी का कहना है कि इसी तर्ज पर अन्य स्थानों पर भी पार्कों और जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिससे देहरादून को एक स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जा सके।