Mexican couple married in Kashi विदेशी कपल ने की गंगा में नौका पर शादी

Mexican couple married in Kashi आध्यात्मिक नगरी वाराणसी एक बार फिर अपनी सनातन परंपरा और वैश्विक आकर्षण के कारण सुर्खियों में रही. विश्वप्रसिद्ध अस्सी घाट पर मैक्सिको से आए एक विदेशी कपल ने गंगा की मध्य धारा में नौका पर वैदिक विधि-विधान से विवाह कर अनूठी मिसाल पेश की. इस खास आयोजन को देखने के लिए घाट पर स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी.

 Mexican couple married in Kashi
जानकारी के अनुसार, मैक्सिको के चिल सिटी निवासी रुईज कब्रोल और गोंजलो मिगुल लंबे समय से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से प्रभावित थे. उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत भारत की आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी से करने का निर्णय लिया. निर्धारित मुहूर्त में गंगा के बीच सजी नौका पर मंडप सजाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ.


विवाह संस्कार आचार्य दीपक पाण्डेय द्वारा संपन्न कराया गया. हवन, सप्तपदी और वर-वधू के संकल्प के साथ पूरे वैदिक विधान का पालन किया गया. मंत्रों की गूंज, धूप-दीप की सुगंध और गंगा की शांत धारा ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया. दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक भारतीय परिधान में सुसज्जित नजर आए. दूल्हे ने धोती-कुर्ता और दुल्हन ने लाल बनारसी साड़ी धारण की, जिससे समारोह की सांस्कृतिक गरिमा और बढ़ गई.विवाह के दौरान घाट पर मौजूद लोगों ने पुष्पवर्षा कर नवदम्पति को आशीर्वाद दिया. कई पर्यटकों ने इस अद्भुत पल को अपने कैमरों में कैद किया. उपस्थित लोगों ने इसे ‘संस्कृतियों का संगम’ बताते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय परंपराओं की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है.


वाराणसी में विदेशी पर्यटकों द्वारा भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने की परंपरा धीरे-धीरे बढ़ रही है. इससे न केवल स्थानीय पुरोहितों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को रोजगार मिल रहा है, बल्कि काशी की सांस्कृतिक पहचान भी विश्व स्तर पर और मजबूत हो रही है. गंगा की गोद में वैदिक रीति से संपन्न यह विवाह एक बार फिर साबित करता है कि वाराणसी केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का जीवंत केंद्र है, जो दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है.