Special Story By : Anita Tiwari , Dehradun
Nazariya Cafe ट्रांसजेंडर के लिए काम ढूंढना आज भी कठिन है क्योंकि उनको कोई नौकरी पर नहीं रखना चाहता है। इसके बावजूद भारत में ऐसे कई कैफे मौजूद हैं जो ट्रांसजेडर्स को सेल्फ इंडिपेंड बनने में मदद कर रहे हैं।

Nazariya Cafe बदलाव और नई सोच की मिसाल है बंबई नजरिया कैफे
- Nazariya Cafe जब भी कभी किसी ट्रांसजेंडर (Transgender) को अपना पेट पालने के लिए पैसे मांगते देखते है तो आपके भी मुंह से यही निकलता होगा कि भीख मांग कर ऐसे कब तक ऐसे कब तक खाओगे कोई काम क्यों नहीं कर लेते हो। कानून की माने तो ये समुदाय भी हम आम लोगों की तरह ही है पर लोग आज भी इन्हें अपनाने से इंकार कर देते है।

- Nazariya Cafe मुंबई के वर्सोवा (Versova) इलाके के आराम नगर में मौजूद इस ‘बंबई नजरिया’ नामक कैफे की शुरुआत 2 महीने पहले हुई है। यहां पर काम करने वाले ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के कर्मचारी का कहना हैं कि इस रेस्टोरेंट की शुरुआत मिस्टर डिएगो (Diego) ने की है।

- इस रेस्टोरेंट को खोलने का मुख्य उद्देश्य था कि इसमें काम करने वाले सभी कर्मचारी ट्रांसजेंडर कम्युनिटी से होंगे, ताकि इस समुदाय के लोगों को एक काम करने का प्लेटफॉर्म मिल सके। साथ ही उनके कमाई का यह जरिया भी बने, साथ ही ट्रांसजेंडर के प्रति समाज में लोगों का नजरिया बदल सके। ये मुंबई का पहला कैफे माना जा रहा, जिसमें काम करने वाले सभी कर्मचारी ट्रांसजेंडर हैं….

Nazariya Cafe बदलाव और नई सोच की मिसाल - Nazariya Cafe कहते हैं कि जो बदलाव आप दुनिया में देखना चाहें उसकी शुरूआत खुद से करनी चाहिए. मुंबई का एक कैफे भी ऐसा ही कुछ संदेश देता नजर आ रहा है. इस कैफे को चला रहे हैं किन्नर समुदाय के लोग, जो कैफे में आने वाले मेहमानों को लजीज खाना खिला रहे हैं…. बम्बई नजरिया के कर्मचारी खुद को ‘मेजबान’ कहना पसंद करते हैं ,अपने ग्राहकों को अच्छा खाना परोसते हैं …. बम्बई नजरिया की मेजबान माही पुजारी ने कहा, “कैफे में बहुत सारे गेस्ट आ रहे हैं, जिससे हमें लोगों के साथ बातचीत करने और उन्हें यह दिखाने का मौका मिला है कि ट्रांसजेंडर समुदाय भीख मांगने और सेक्स वर्क तक सीमित नहीं है.”

Nazariya Cafe बदलाव और नई सोच की मिसाल - Nazariya Cafe बम्बई नजरिया के मालिक/संस्थापक डिएगो मिरांडा ने कहा, “यह मेरे पिता की सोच थी कि एक ऐसी जगह का निर्माण करें, जहां लोग गलत होने के डर के बिना जा सकें और जहां स्वीकृति और गैर-निर्णय प्रबल हो.”मुंबई के विशेष पाव भाजी, कीमा पाव और मिसल पाव से लेकर ट्रेंडिंग कश्मीरी पिंक टी तक, कैफे अपने गेस्ट को कई तरह के भोजन परोसता है….

Nazariya Cafe एक कहावत है - Nazariya Cafe एक कहावत है कि ‘हम सुधरेंगे, जग सुधरेग’। इसका अर्थ है कि समाज में फैली तमाम बुराइयों को ख़त्म करने की शुरुआत अपने आप से हो सकती है। आज के आधुनिक ज़माने में हालात थोड़े बदले जरुर है पर अभी भी बहुत सुधार नहीं हुआ है। आज भी लोग ट्रांसजेंडर्स या किन्नरों को स्वीकार करने में हिचकिचाते है। ऐसे में समाज में खुद की अलग पहचान बनाने के प्रयास में जुटे मुंबई के ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लोगों की इस सराहनीय शुरुआत ने आज हज़ार नहीं लाखों लोगों की सोच बदल दी है।
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