Special Report By : Anita Tiwari Dehradun
Pahadi Foods के लिए बेहतरीन खबर सामने आई है । उत्तराखंड में हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी, उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन को पूरे देश में “गढ़भोज” के नाम से पहचान दिला कर थाली का हिस्सा व आर्थिकी का जरिया बनाने के लिये वर्ष 2000 से गढ़ भोज अभियान चला रहा है। संस्थान का प्रयास है कि “गढ़भोज” को देश और दुनिया में गुजराती, पंजाबी जैसे राज्यों के भोजन की तरह मांग और पहचान मिले। इसे लेकर संस्थान कई सालों से जन जागरूकता अभियान, राज्य के उत्पादों के स्टाल, आउटलेट, मेले और अन्य माध्यम से प्रयासरत है।
Pahadi Foods गढ़ भोज को स्कूली शिक्षा में शामिल

Pahadi Foods को गढ़ भोज वर्ष के रूप में भी मनाया गया। जिसे पुरे राज्य के शिक्षकों, भोजन से जुड़े करोबारियो व स्वैच्छिक संगठनों के द्वारा विभिन्न तरह से मनाया गया। पहाड़ के खानपान के शौकीनों के लिए अच्छी बात ये है कि आज गढ़ भोज राष्टपति भवन, राजभवन से लेकर राज्य की पुलिस के समस्त कैन्टीनो, मेस, विभिन्न आयोजनों के साथ साथ सरकारी गैर-सरकारी विभागो की बैठकों प्रशिक्षण का हिस्सा बन पाया है।

Pahadi Foods आज सैकडों होटलो, रेस्टोरेंट व ढाबो के मेन्यू मे गढ़ भोज की शक्ल में शामिल किया गया। राज्य भर मे शादियो मे गढ़ भोज शमिल हुआ है।
Pahadi Foods राजकीय इंटर कॉलेज रोन्तल मे गृह विज्ञान के प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल किया गया उत्तराखंड का पारम्परिक गढ़भोज

रा० इ० का० में गृह विज्ञान के प्रयोगाल्मक परीक्षा में द्दात्राओं के द्वारा प्रयो० परीक्षा में pahadi Foods पाक शास्त्र में उत्तराखण्ड के गढ़भोज के अन्तर्गत विशेष पकवान बनाने के साथ भोजन मे पाये जाने वाले पोषक तत्वों के बारे मे जानकारी दी गई ।
प्रवक्ता गृह विज्ञान गोपाल प्रकाश मिश्रा के मार्ग दर्शन में छात्र द्दात्राओ के द्वारा विभिन्न क्रियाकलाप के अन्तर्गत स्थानीय फसलो को बढ़ावा देने के साथ इनके ओषधीय गुणों के बारे में जानकारी चार्ट बनाकर दी गयी। छात्रौ के द्वारा क्षेत्र मे उगने वाली पारम्परिक फ़सलों से बच्चों ने इस अवसर पर स्वाले, चौसा, झगोरे की खीर, मंडूये की रोटी, कद्दू का रायता, कापला व अमेडू की चटनी बनाई।
Pahadi Foods को गढ़ भोज के माध्यम से आने वाली पीढ़ी के लिए संजोने के लिए आज स्टूडेंट्स को रुबरु करवाया जा रहा है ।

देवभूमि सामाजिक शैक्षणिक उत्थान अकादमी इस अवसर पर Pahadi Foods और गढ़ भोज अभियान के प्रणेता द्वारिका प्रसाद सेमवाल उपस्थित। इस अवसर पर अजय कुमार यादव ,गणेश प्रसाद मिश्रा ,गंभीर पाल सिंह राणा ,राजेश नौटियाल ,विजय प्रकाश बबिता बर्तवाल आदि उपस्थित रहे।
ये खबर भी पहाड़ी है – मिलिये गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी से – https://shininguttarakhandnews.com/narendra-singh-negi-biography/

