Parvez Musharraf Death दुनिया को पाकिस्तान के जिस तानाशाह के बारे में कई बार विवादित खबरें मिलती रही है आज वही तानाशाह एक दर्दनाक मौत के मुहाने पर खड़ा है और पाकिस्तानी आर्मी के इस जनरल की जंग जिंदगी से हार की कगार पर पहुंच गई है। यानी पाकिस्तान के दसवें राष्ट्रपति और पाक सेना के पूर्व जनरल परवेज मुशर्रफ के निधन की खबरें भी पाकिस्तान से आने लगी हैं। हालांकि कुछ मीडिया उनके मौत की खबरें बता रही है … आइए जनरल परवेज मुशर्रफ के जिंदगी को टटोलते हैं और जानते हैं हिंदुस्तान में पैदा हुए परवेज़ कैसे पाकिस्तान के मुशर्रफ बन गए।
Parvez Musharraf Death जानिए परवेज़ की सियासी परवाज़

- Parvez Musharraf Death परवेज मुशर्रफ ऐसे नेता रहे हैं जिनका विवादों से काफी नाता रहा है. उन्हें नवाज शरीफ की सरकार का गिराने का दोषी माना जाता है. आपको बता दें परवेज़ मुशर्रफ भारत की राजधानी दिल्ली में जन्मे थे. परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के 10वें राष्ट्रपति रह चुके हैं. उनका कार्यकाल 2001 से 2008 तक रहा. उन्होंने महाभियोग से बचने के लिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. राष्ट्रपति बनने से पहले वह आर्मी के फोर स्टार जनरल थे. परवेज मुशर्रफ काफी विवादस्पद नेता रह चुके हैं. उन्हें पाकिस्तान की नवाज शरीफ सरकार का तख्ता पलट करने का भी दोशी माना जाता है।

- Parvez Musharraf Death आपको बता दें ब्रिटिश राज के दौरान परवेज मुशर्रफ दिल्ली में जनमें थे. जिसके बाद बटवारे के दौरान वह पाकिस्तान चले गए और उनकी परवरिश करांची और इस्तांबुल में हुई. उन्होंने 1964 में वह आर्मी ज्वाइन कर ली. जिसके बाद वह अफगाव वॉर में रहे. 1965 इंडो-पाकिस्तान वॉर के दौरान परवेज़ मुशर्रफ ने सेकेंड लेफ्टिनेन्ट का रोल निभाया. जिसके बाद उन्हें 1990 में मेजर जनरल बना दिया गया. जिसके कुछ वक्त बाद वह आर्मी में डायरेक्टर जनरल ऑफ स्पेशल ऑपरेशन्स के पद पर प्रमोट किया गया।
Parvez Musharraf Death ब्रिटिश भारत में सिविल सर्वेंट थे वालिद

- Parvez Musharraf Death दिल्ली में जनमें मुशर्ऱफ खुद को सैयद बताते हैं. उनके वालिद का नाम मुशर्रफुद्दीन था, वहीं मां का नाम बेगम ज़रीन मुशर्रफ था. सैयद मुशर्रफ ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की और फिर वह सिविल सर्विस में दाखिल हो गई. ब्रिटिश सरकार के दौरान सिविल सर्विस काफी प्रतिष्ठित मानी जाती है. आपको बता दें परवेज़ मुशर्रफ के दादा टैक्स कलेक्टर थें वहीं उनके नाना काजी थे। परवेज मुशर्रफ अपने परिवार में दूसरे सबसे बड़े बच्चे थे. उनकी वालिदा के मुशर्रफ को मिलाकर तीन बच्चे थे. जिनके नाम जावेद मुशर्रफ और नवेद मुशर्रफ हैं. ब्रिटिश राज के दौरान परवेज मुशर्रफ की फैमिली एक बड़े से घर में रहती थी जिसका नाम ‘नहर वाली हवेली’ था.

1947 में मुशर्रफ ने छोड़ा भारत
- Parvez Musharraf Death भारत का बटवारा हो गया. एक देश बना जिसका नाम पाकिस्तान था. उस वक्त मुशर्रफ 4 साल के थे. उनके परिवार ने अगस्त 1947 को भारत छोड़ दिया और पाकिस्तान में जाकर रहने लगे. मुशर्रफ के पिता ने पाकिस्तान की सिविल सर्विस को ज्वान कर दिया और वह पाकिस्तान सरकार के लिए काम करने लगे…

- कराची की सेहबा से हुई थी शादी Parvez Musharraf Death परवेज मुशर्रफ ने 28 दिसबंर1968 में कराची की रहने वाली सेहबा से निकाह किया. उनकी एक बेटी है जिसका नाम आलिया है जो एक आर्किटेक्ट है. आलिया की शादी फिल्म डायरेक्टर आसिम रजा से हुई है. जिनका एक बच्चा है जिसका नाम बिलाल है.
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