President In Uttarakhand राष्ट्रपति का उत्तराखंड दौरा , बांटे गोल्ड मेडल

President In Uttarakhand राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती का जश्न शुरू हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर आज उत्तराखंड पहुंची। तीन नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र को राष्ट्रपति संबोधित करेंगी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ नवंबर को सैन्य धाम का लोकार्पण करेंगे।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह करीब 11 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची. जहां राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति का स्वागत किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पतंजलि यूनिवर्सिटी के लिए रवाना हुई. हरिद्वार में दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद थे .

विधानसभा सत्र को संबोधित करेंगी President In Uttarakhand

पतंजलि विश्वविद्यालय बहादराबाद में दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान किया। कार्यक्रम के अनुसार अगले तीन दिनों तक राष्ट्रपति उत्तराखंड में ही रहेंगी. जिसके तहत पहले दिन पहले कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी आफ पतंजलि में दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में उन्होंने भागीदारी की इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन के बाहर बने फुट ओवर ब्रिज का शुभारंभ किया .रात्रि विश्राम राष्ट्रपति निकेतन में होगा।

सोमवार को राज्य स्थापाना दिवस के रजत जयंती पर विधानसभा के विशेष सत्र को 11 बजे संबोधित करेंगी। उसके बाद शाम को नैनीताल स्थित राजभवन में कार्यक्रम में शामिल होंगी।मंगलवार को राष्ट्रपति कैंचीधाम स्थित नीब करौरी बाबा के दर्शन करने के बाद कुमाऊं विवि के 20वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर दून एयरपोर्ट पर पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेेंसियों ने रिहर्सल की। राष्ट्रपति के लिए चार हेलिकॉप्टर दो दिन पहले ही एयरपोर्ट पहुंचकर रिहर्सल कर चुके हैं।

नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुनियाल गांव में सैन्यधाम का लोकार्पण करेंगे। पीएम के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैन्यधाम का निरीक्षण किया। सैन्यधाम में म्यूजियम, थियेटर और लाइट एंड साउंड शो जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिसके माध्यम से वीर बलिदानियों की गाथाएं और पराक्रम की जानकारी दी जाएगी।