Dehradun Ophthalmologist दीवाली पर आँखों की सुरक्षा ज़रूरी !

Dehradun Ophthalmologist  दिवाली पटाखों और टॉक्सिक धुआं से आंखों को होने वाले नुकसान से बचाना सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमारी जरा सी लापरवाही आंखों की रोशनी को खतरे में डाल सकती है। एक नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) के रूप में, मैं आप सभी से अपील करता हूँ कि दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाले हानिकारक रसायन और टॉक्सिक धुआं हमारी आंखों की नाजुक सतह को प्रभावित करते हैं, जिससे ड्राई आई, गंभीर जलन, कॉर्नियल इंजरी (आंख की पुतली पर चोट) या इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है – डॉ नीरज, नेत्ररोग विशेषज्ञ , दून अस्पताल 

दीवाली पर आँखों की सुरक्षा क्यों ज़रूरी है?

पटाखे तेज़ गति से गर्म टुकड़े बाहर फेंकते हैं। पलकों, कॉर्निया, लेंस या रेटिना पर लगी चोटें तुरंत दिखाई नहीं देतीं। दिल्ली-NCR के एक अस्पताल में 2014 से 2019 के बीच हुए एक अध्ययन में, दीवाली के दौरान पटाखों से आँखों की चोट के 646 मामले सामने आए। यह आँकड़ा केवल उस अध्ययन में शामिल लोगों का है, न कि पूरे देश में चोट लगने की दर का। हालाँकि, यह शोध बचाव के महत्व को सामने लाता है। दीवाली की तैयारी करते समय, परिवारों को आँखों की सुरक्षा पर सबसे पहले ध्यान देना चाहिए, जिससे चोट लगने से बचा जा सके।

दीवाली पर इन गलतियों से बचें

1. पटाखों के बहुत करीब खड़े होना
पटाखों से दूरी बनाए रखें और पटाखों के पैकेट पर दिए गए निर्देशों का पालन ज़रूर करें। चिंगारियाँ और टुकड़े कभी भी आपके चेहरे की तरफ आ सकते हैं। जलते हुए पटाखों के ठीक ऊपर खड़े होने के बजाय, एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें और आँखों की सुरक्षा के सुझावों का पालन करें। दीवाली पर आँखों को सुरक्षित रखने का एक व्यावहारिक तरीका यह है कि पटाखों को अपने चेहरे के पास न पकड़ें।

2. यह सोचना कि सामान्य चश्मा ही काफी है
साधारण चश्मे आँखों को उतनी सुरक्षा नहीं देते, जितनी कि विशेष ‘सेफ्टी आईवियर’ (सुरक्षा चश्मे) देते हैं। हालाँकि, आँखों की सही सुरक्षा से उड़ने वाले टुकड़ों से चोट लगने का खतरा कम हो सकता है, फिर भी आपको पटाखों से दूर रहना चाहिए और बहुत सावधान रहना चाहिए। हमेशा सुरक्षा चश्मे का इस्तेमाल करें, और साथ ही सावधानी बरतें और पटाखों से दूरी बनाए रखें।

3. बच्चों को अकेले पटाखे चलाने देना
बच्चों को हमेशा यह अंदाज़ा नहीं होता कि पटाखे किस तरह से फट सकते हैं। बड़ों को उन पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए और उन्हें जलते हुए पटाखों या न फटे पटाखों से दूर रखना चाहिए। आँखों की सुरक्षा के लिए, बच्चों और आस-पास खड़े लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखें। आँखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना एक अच्छा विचार है, लेकिन यह बड़ों की देखरेख का विकल्प नहीं हो सकता। 4. न जलने वाले पटाखे को दोबारा जलाने की कोशिश न करें
कोई भी पटाखा कभी भी ठीक से न जलने की स्थिति में आ सकता है। ऐसे पटाखे के पास न जाएं, उससे न खेलें और न ही उसे दोबारा जलाने की कोशिश करें। उस जगह को खाली कर दें और पटाखे को सही तरीके से नष्ट करने के लिए स्थानीय अग्निशमन विभाग (फायर सेफ्टी अथॉरिटी) की सलाह का पालन करें।

5. भीड़-भाड़ वाली या बंद जगहों पर पटाखे न जलाएं
बालकनी, तंग रास्तों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर चिंगारी फैलने का खतरा ज्यादा होता है, जिससे दूसरों को नुकसान पहुंच सकता है। पटाखे जलाने के लिए खुली जगहों का इस्तेमाल करें और देखने वालों को सुरक्षित दूरी पर रखें। ऐसा करने से दिवाली के दौरान सभी की आंखों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है—चाहे वे जश्न के बिल्कुल करीब हों या दूर से देख रहे हों।

1. पटाखे जलाते समय क्या करें

• प्रोटेक्टिव गॉगल्स पहनें: पटाखे जलाते या देखते समय जीरो-पावर के सुरक्षात्मक चश्मे (सेफ्टी गॉगल्स) का इस्तेमाल जरूर करें। यह आंखों को चिंगारी और बारूद के कणों से बचाता है।
• सुरक्षित दूरी बनाए रखें: पटाखे हमेशा अपने चेहरे से दूर, हाथ फैलाकर एक निश्चित दूरी से जलाएं। कभी भी जलते हुए पटाखे के ऊपर अपना चेहरा न लाएं।
• बच्चों पर निगरानी: बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे न जलाने दें। उनकी आतिशबाजी हमेशा बड़ों की देखरेख में ही होनी चाहिए।
• कॉन्टैक्ट लेंस और मेकअप से बचें: पटाखे जलाते समय कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से बचें, क्योंकि धुएं के कारण लेंस आंखों में असुविधा पैदा कर सकते हैं। भारी आई-मेकअप का प्रयोग न करें और सोने से पहले इसे अच्छी तरह साफ कर लें।
• सूती कपड़े पहनें: ढीले या सिंथेटिक कपड़ों की जगह शरीर को पूरी तरह ढकने वाले सूती (कॉटन) कपड़े और जूते पहनें।

2. आपातकालीन प्रबंधन— चोट या जलन होने पर क्या करें

• आंखें बिल्कुल न रगड़ें: यदि आंख में कोई चिंगारी, धुआं या बारूद का कण चला जाए, तो उसे भूलकर भी न मसलें। रगड़ने से आंख के कॉर्निया पर परमानेंट स्क्रैच आ सकता है।
• साफ पानी से धोएं: आंख में जलन या धूल जाने पर तुरंत साफ और ठंडे पानी के हल्के छींटे मारें। अपने हाथों को पहले अच्छी तरह धो लें।
• घरेलू नुस्खे न अपनाएं: आंख में चोट लगने पर टूथपेस्ट, घी, मक्खन या कोई भी घरेलू ड्रॉप खुद से न डालें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।
• प्रेशर न डालें: अगर आंख में कोई गंभीर चोट लगी है, तो आंख को जोर से दबाएं या बांधें नहीं।

कब तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है?

यदि आंख में पटाखा सीधे लग गया हो, नजर अचानक धुंधली हो गई हो, आंख से लगातार पानी या खून आ रहा हो, या तेज दर्द के साथ लालिमा बढ़ गई हो, तो बिना एक मिनट गंवाए तुरंत निकटतम नेत्र रोग विशेषज्ञ (Eye Specialist) से संपर्क करें।

याद रखें, “इस दिवाली, खुशियां जलाएं — आंखें नहीं!”
शाइनिंग उत्तराखंड न्यूज की तरफ़ से आप सभी को एक सुरक्षित और शुभ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।