Rapid Mood Swings अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ महिलाओं को ही मूड स्विंग्स होते हैं, तो ज़रा ठहरिये हुजूर ऐसा नहीं है , ये समस्या पुरुषों में हो सकती है. मूड स्विंग्स एक इंसानी अनुभव है, और यह पुरुष को भी होती हैं. शारीरिक, हार्मोनल और मनोवैज्ञानिक कारणों से उनमें भी भावनात्मक उतार-चढ़ाव आते हैं, जो उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी पर गहरा असर डालते हैं. वहीं काफी कम लोग ऐसे हैं जिन्हें यह पता होगा कि पुरुषों में भी मूड स्विंग्स होते हैं. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.
क्यों होती है ये समस्या Rapid Mood Swings

जब पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होने लगता है तब इरिटेबल मेल सिंड्रोम की दिक्कत पैदा होती है. मेडिकल भाषा में इसे एंड्रोपॉज भी कहा जाता है. बता दें कि, पुरुषों में बनने वाला टेस्टोस्टेरोन एक सेक्स हार्मोन है. 30 की उम्र से टेस्टोस्टेरोन का लेवल पुरुषों में धीरे-धीरे कम होने लगता है. इस हार्मोन का संबंध फिटनेस, एनर्जी, सेक्स ड्राइव और सेल्फ कॉन्फिडेंस से जुड़ा है. टेस्टोस्टेरोन का कम लेवल ही पुरुषों के मूड स्विंग्स का कारण बनता है.

क्रोनिक स्ट्रेस
इसके अलावा क्रोनिक स्ट्रेस भी एक बड़ा कारण है। काम का दबाव, वित्तीय चिंताएं और पारिवारिक जिम्मेदारियां तनाव के स्तर को बढ़ाती हैं, जिससे मूड में बार-बार बदलाव आते हैं। नींद की कमी, खराब खान-पान, शराब का अधिक सेवन और सेडेंटरी लाइफस्टाइल भी इस समस्या को बढ़ा सकती है। आइये जानते हैं क्या है इसके लक्षण –

लगातार सिरदर्द
मूड स्विंग्स की समस्या
गुस्सा और चिड़चिड़ापन
अकेला रहना पसंद करना
मांसपेशियों में तनाव आना
आंत से जुड़ी समस्याएं होना
इमोशन्स को एक्सप्रेस करने में दिक्कत
क्या है इसके बचाव
पुरुष मूड स्विंग्स की स्थिति में एक्सरसाइज रोजाना करें. इसके अलावा, हेल्दी और बैलेंस फूड डाइट लें.
हर पुरुष अपने इमोशन्स में हो रहे बदलावों को समझें. अपने किसी करीबी दोस्त से इस बारे में बात करें.
मूड और बिहेवियर में होने वाले बदलावों के प्रति सचेत रहें. इस बात को समझने की कोशिश करें कि इसका प्रभाव कब आप पर पड़ सकता है.

