Republic Day SGRR एसजीआरआर में गणतन्त्र दिवस की धूम

Republic Day SGRR श्री दरबार साहिब एवम् एसजीआरआर  में आन बान शान के साथ लहराया तिरंगा 
सजीआरआर मेडिकल काॅलेज में गीतों के माध्यम से जगाई राष्ट्रभक्ति की भावना
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) सहित एसजीआरआर समूह के समस्त संस्थानों में देशभक्ति, राष्ट्र गौरव और भारतीय संविधान के प्रति आस्था का भव्य उत्सव देखने को मिला। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, एसजीआरआर विश्वविद्यालय एवं एसजीआरआर समूह के अन्य शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज पूरे सम्मान, आन-बान और शान के साथ फहराया गया।
श्री दरबार साहिब परिसर में सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने प्रातः 9 बजे तिरंगा फहराकर देश और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में राष्ट्र की एकता, अखंडता और भारतीय मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा अनुशासित परेड की सलामी ली। विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, एन एस एस कोनटिनजेंट और 11 संघटक स्कूलों के छात्र-छात्राओं की सुसंगठित परेड ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया और राष्ट्र के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा को समझने और राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति में योगदान देने वाले फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों की सराहना करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट योगदान के लिए एनसीसी सीनियर अंडर ऑफिसर आकृति रावत, अंडर ऑफिसर निधि सोग्रवाल, अंडर ऑफिसर आदित्य पटवाल तथा सार्जेंट प्रियंका को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने संविधान निर्माताओं के सपनों को साकार करने और राष्ट्रनिर्माण में सकारात्मक सहभागिता निभाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान राष्ट्र की नींव होते हैं, जहां से जिम्मेदार, संस्कारित और राष्ट्रभक्त नागरिक तैयार होते हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह में देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अनुशासनपूर्ण वातावरण के बीच राष्ट्रप्रेम की भावना चरम पर रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।