River pollution उत्तराखंड के पहाड़ में साड़ियों का पहाड़ ! वीडियो वायरल

River pollution मीडिया में एक खबर आजकल दिख रही है , सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्य बोध के लिए इस खबर को हम आपके सामने रख रहे हैं। भारत में गंगा और यमुना को सिर्फ नदियां नहीं, बल्कि मां का दर्जा दिया गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन पवित्र नदियों के जल में डुबकी लगाने से इंसानों के सारे पाप धुल जाते हैं. लेकिन क्या भक्ति का यह तरीका सही है, जहां हम अपनी ही आस्था के केंद्रों को कचरे के ढेर में बदल रहे हैं ,  इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हर सच्चे सनातनी और प्रकृति प्रेमी को झकझोर कर रख दिया है. उत्तराखंड के पवित्र गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से सामने आए इस वीडियो में आस्था के नाम पर नदियों को बुरी तरह प्रदूषित होते हुए दिखाया गया है.

मां गंगा और यमुना की गोद में साड़ियों से पटीं नदियां River pollution

वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भक्तगण मां गंगा और मां यमुना को चढ़ाने के नाम पर सैकड़ों साड़ियां, कपड़े और अन्य पूजन सामग्री सीधे बहते पानी में फेंक रहे हैं. देखते ही देखते नदी के किनारों और पानी के भीतर इन रंग-बिरंगे कपड़ों और साड़ियों का एक बड़ा ढेर जमा हो गया है. जिस पानी को लोग आचमन के लिए सबसे शुद्ध मानते हैं, उसमें इस तरह का कचरा तैरता देख सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि नदियों को पूजने और उसी समय उन्हें गंदा करने का यह कैसा दोहरा रवैया है?

बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने उठाई आवाज

प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा आवाज उठाने वाली मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने भी इस वीडियो को देखकर अपनी गहरी चिंता और नाराजगी जताई है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस वायरल वीडियो को देखते ही कमेंट किया और सख्त लहजे में लिखा, “इस पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.” भूमि के साथ-साथ हजारों नेटिजन्स ने भी सरकार से मांग की है कि धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर नदियों को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे तरीकों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए.

उत्तराखंड में स्थित गंगोत्री और यमुनात्री धाम के पवित्र जल में बड़ी मात्रा में साड़ियाँ, वस्त्रों से बनी भेंट और अन्य अपशिष्ट पदार्थ तैरते हुए दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हो गया है। नदी के इस वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। विभिन्न प्लेटफार्मों पर साझा किए गए इस वीडियो ने भारत की दो सबसे पवित्र नदियों में प्रदूषण को लेकर चिंताओं को फिर से जगा दिया है और कुछ धार्मिक प्रथाओं के पर्यावरणीय प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

https://www.instagram.com/p/DZKmupjDi2q/?utm_source=ig_embed&utm_campaign=embed_video_watch_again

गंगा और यमुना देवी को अर्पण के नाम पर भक्तों द्वारा साड़ियाँ और कपड़े फेंकने का एक वीडियो ऑनलाइन वायरल हो गया है। इस वीडियो पर इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है, जिनमें से कई इसे अपमानजनक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बता रहे हैं। वीडियो में नदी के किनारों और पानी में फेंकी गई साड़ियों और धार्मिक अर्पण के ढेर लगे हुए दिखाई दे रहे हैं।

लोग बोले- “सिविक सेंस बेहद जरूरी”

पवित्र नदियों की यह दुर्दशा देखकर इंटरनेट यूजर्स ने कड़े शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दी है. एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “सरकार को उन लोगों के लिए बहुत सख्त सजा का प्रावधान करना चाहिए जो नदियों को प्रदूषित करते हैं.” ‘रोहन कश्यप’ नाम के यूजर ने लिखा, “काश धर्म के साथ-साथ लोग सिविक सेंस भी सीखना शुरू करें. हमारे देश के सभी स्कूलों में बच्चों को शुरुआत से ही civics सेंस की क्लास दी जानी चाहिए, इसकी आज बहुत ज्यादा जरूरत है.”