Sprite Tejas Express ठंडी “स्प्राइट” कराएगी अब तूफानी सफर !

Sprite Tejas Express  जिस ठंडी कोल्ड ड्रिंक स्प्राइट को गटकने से आपको ठंडक मिलती है क्या यकीं करेंगे कि वही आपको सरपट सफर कराने जा रही है। सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह बिल्कुल सच है. रेलवे की दुनिया में अब एक ऐसा गजब का बदलाव देखने को मिला है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. दिल्ली से लखनऊ के बीच दौड़ने वाली देश की मशहूर तेजस एक्सप्रेस का नाम अब कुछ समय के लिए बदलकर ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ कर दिया गया है.

देश की पहली प्राइवेट ट्रेन ने रचा इतिहास Sprite Tejas Express

रेलवे का नया और अनोखा विज्ञापन मॉडल
अब तक आपने ट्रेनों के डिब्बों पर कंपनियों के बड़े-बड़े विज्ञापन या स्टीकर लगे तो खूब देखे होंगे लेकिन यह पहली बार है जब किसी ट्रेन का आधिकारिक नाम ही किसी ब्रांड के नाम पर रख दिया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने कोका-कोला कंपनी के पॉपुलर ब्रांड ‘स्प्राइट’ को इस ट्रेन के विज्ञापन के अधिकार दिए हैं. यह अनोखी व्यवस्था 19 अगस्त से 11 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी. इस दौरान ट्रेन नंबर 82501 और 82502 को आधिकारिक तौर पर ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ के नाम से ही पुकारा जाएगा. इतना ही नहीं दिल्ली और लखनऊ के बीच सफर के दौरान रास्ते के स्टेशनों और अनाउंसमेंट में भी इसी नाम का इस्तेमाल किया जाएगा.

आपको बता दें कि लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस देश की पहली ऐसी ट्रेन है जिसे प्राइवेट तौर पर ऑपरेट किया जाता है. इसका संचालन आईआरसीटीसी करता है हालांकि पटरियों और स्टेशनों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए वह भारतीय रेलवे को भुगतान करता है.IRCTC द्वारा चलाई जाने वाली यह ट्रेन पूरी तरह से AC है और इसमें यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें ट्रेन के अंदर खाने-पीने की बेहतर सुविधा और मनोरंजन के लिए इंफोटेनमेंट सिस्टम शामिल हैं।IRCTC इस ट्रेन में ग्रुप बुकिंग की सुविधा भी देता है। यानी कॉर्पोरेट मीटिंग, शादी या किसी अन्य कार्यक्रम के लिए यात्री पूरी AC चेयर कार कोच भी बुक कर सकते हैं। एक कोच में 78 सीटें होती हैं।

IRCTC ने स्प्राइट को ये ब्रांडिंग राइट्स 6 महीने के लिए दिए हैं हालांकि ट्रेन का नाम करीब 3 महीने तक बदला रहेगा. वैसे इस तेजस एक्सप्रेस की एक और मजेदार बात यह है कि इसे आम यात्रियों के अलावा शादियों, कॉर्पोरेट मीटिंग्स या अन्य खास आयोजनों के लिए पूरा बुक भी किया जा सकता है. इसके एक एसी चेयर कार कोच में 78 सीटें होती हैं. अगर रेलवे का यह नया और हटके प्रयोग कामयाब रहा, तो आने वाले दिनों में आपको पटरियों पर कई और ब्रांडेड ट्रेनें दौड़ती हुई नजर आ सकती हैं.