Toothpaste Side Effects : सावधान टूथपेस्ट से हो सकता है कैंसर

Toothpaste Side Effects हम सभी के दिन की शुरुआत टूथपेस्ट करने के साथ होती है। बच्चे से लेकर बड़े-बूढ़े तक अपने स्वाद के अनुसार टूथपेस्ट से ब्रश करना पसंद करते हैं। लोगों की पसंद और बढ़ती मांग के मुताबिक मार्केट में भी तरह-तरह की खुशबू और स्वाद के साथ ढेरों टूथपेस्ट उपलब्ध हैं। दिन भर फ्रेश रखने के दावे के साथ आने वाले टूथपेस्ट आपकी ओरल हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। जी हां, पहले भी कई बार रिसर्च में सामने आ चुका है कि टूथपेस्ट से मुंह में एलर्जी या कैंसर का खतरा हो सकता है। हालांकि, टूथपेस्ट से होने वाले नुकसान की वजह अलग-अलग हो सकती है।आइए जानते हैं कि कैसे टूथपेस्ट से कैंसर होने का खतरा है ?

 

आप तो नहीं कर रहे ऐसे टूथपेस्ट का इस्तेमाल ? Toothpaste Side Effects


Toothpaste Side Effects


आप जब टूथपेस्ट खरीदते हैं तो उसके पीछे दी गई जानकारी पर गौर करते हैं? अगर नहीं, तो अब आगे से इस बात का जरूर ध्यान दें कि टूथपेस्ट में कैसे-कैसे कंपाउंड का इस्तेमाल किया गया है। अगर उसमें आपको सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS) जैसा कंपाउंड दिखे तो उस टूथपेस्ट को न खरीदें। ऐसा इसलिए क्योंकि SLS वाले टूथपेस्ट से आपके ओरल हेल्थ को नुकसान पहुंच सकता है।

क्या है सोडियम लॉरिल सल्फेट ?
दरअसल, सोडियम लॉरिल सल्फेट एक ऐसा प्रमुख कंपाउंड है जो पेस्ट को गाढ़ा करने में मददगार होता है। साथ ही आसानी से इस्तेमाल करने में सक्षम होता है। इसके इस्तेमाल ठीक वैसा ही जैसा साबुन में झाग आना। SLS का काम झाग बनाकर दांतों  को साफ करना होता है। ज्यादातर निर्माताओं द्वारा सोडियम लॉरिल सल्फेट का इस्तेमाल कर टूथपेस्ट तैयार किया जाता है। ये अन्य ऑप्शन्स की तुलना में सस्ता और इस्तेमाल करने में सुविधाजनक होता है। असल में लोगों के ओरल हेल्थ के लिए SLS वाला टूथपेस्ट हानिकारक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दांतों को साफ करने में अपना खास योगदान नहीं देता है।

टूथपेस्ट से कैंसर का खतरा !
टोरंटो यूनिवर्सिटी की ओर से अपनी एक रिसर्च में जानकारी दी गई थी कि टूथपेस्ट से कैंसर का खतरा होता है। हालांकि, इसके पीछे की वजह सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS) कंपाउंड नहीं बल्कि ट्राइक्लोसन कंपाउंड को बताया जाता है। ऐसे टूथपेस्ट जिसमें ट्राइक्लोसन कंपाउंड का इस्तेमाल किया जाता है वो शरीर में कैंसर फैलाने का काम करता है। रिसर्च के अनुसार ट्राइस्कोसन से शरीर में कैंसर फैलाने वाला फैक्टर एक्टिव हो जाता है। ऐसे में कैंसर हो सकता है। डॉक्टर्स की मानें तो ट्राइस्कोसन से आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान होता है और फिर कैंसर होने का खतरा हो सकता है।

 
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