Umesh Kumar Politics कोलंबिया लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ाया जा रहा उमेश कुमार का संघर्ष

Umesh Kumar Politics 22 साल के हो चुके इस उत्तराखंड को यूं तो अनगिनत जनप्रतिनिधि और सैकड़ों विधायक मिले। दर्जनों मंत्री मिले , दर्जनों मुख्यमंत्री मिले , लेकिन इन सब के पीछे की अपनी एक जानी पहचानी कहानी थी। लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि जिस शख्स को कभी जेल तो कभी बेल , कभी विवाद तो कभी षड्यंत्र के चक्रव्यूह में खुद को संभालना पड़ा हो वह आज उसी प्रदेश का जनप्रतिनिधि बन गया है जहां किसी जमाने में उसे खलनायक समझा जा रहा था। बात समझ में ना आए तो देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक राजधानी हरिद्वार और खासकर खानपुर विधानसभा पहुंच जाइए , वहां इस वक्त हर घर में एक ही नाम लोग लेते हैं और वह नाम है निर्दलीय विधायक और देश के जाने-माने पत्रकार उमेश कुमार का

- Umesh Kumar Politics 2022 विधानसभा चुनाव से पहले कौन जानता था कि उत्तराखंड की राजनीति में कभी हंगामा काटने वाले और सीधे सत्ता से टकराने वाले पत्रकार की किस्मत यू पलटेगी कि उसे लोग सीधे सदन की चौखट तक पहुंचा देंगे ? खुद शायद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के रणनीतिकारों ने भी नहीं सोचा होगा कि जिसके पीछे इतना विवाद साथ चल रहा हो वह भला जनता के बीच आएगा तो भरोसा कैसे जीतेगा। लेकिन हेलीकॉप्टर से उड़ने वाले उमेश कुमार ने जब जमीन पर कदम रखा तो वह अंगद का पैर हो गया। ऐसा जमा की राजशाही भी हिल गई और लंबे समय से विधानसभा पर अपना प्रभाव जमा चुके तत्कालीन विधायक की चूले हिल गई , प्रचंड बहुमत से लोगों ने उमेश कुमार को जीता दिया और आज जब हम उनकी विधानसभा में हो रही हलचल पर नजर डालते हैं तो हमें दिखता है कि एक जनप्रतिनिधि का जो कर्तव्य है और मतदाताओं के प्रति जो उसकी जिम्मेदारी है उसे उमेश कुमार फिलहाल बखूबी निभाते नजर आ रहे हैं।

Umesh Kumar Politics ये है वो चक्रव्यूह जिससे बाहर निकले उमेश कुमार अब है खानपुर के निर्वाचित निर्दलीय विधायक —
29 अक्टूबर – उमेश शर्मा को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा
31 अक्टूबर – उमेश शर्मा की सात घंटे की रिमांड मंजूर
01 नवंबर – पुलिस ने उमेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ और मसूरी रोड स्थित घर में तलाशी की
01 नवंबर – उमेश शर्मा के खिलाफ राजपुर थाने में एक और मुकदमा दर्ज
02 नवंबर – उमेश शर्मा को कस्टडी रिमांड पर लेने की पुलिस की अर्जी खारिज
02 नवंबर – उमेश शर्मा की जमानत निचली अदालत से खारिज
04 नवंबर – झारखंड की राजधानी रांची में उमेश के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा
07 नवम्बर इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विभाग का नोटिस
08 नवंबर – सेशन कोर्ट में उमेश की जमानत याचिका दाखिल
11 नवम्बर Enforcement Department (ED) का नोटिस
12 नवम्बर FEMA के तहत नोटिस
16 नवंबर – सेशन कोर्ट ने उमेश की जमानत याचिका मंजूर की

Umesh Kumar Politics 16 नवंबर की शाम को पुलिस-प्रशासन जेल से रिहा नहीं किया , यूँ तो फेहरिस्त लम्बी और कहानी चौड़ी है लिहाज़ा संक्षेप में जिक्र किया गया है। वापस लौटते हैं मौजूदा समय के विधायक पर जिसने 2022 विधान सभा चुनाव जीतकर नई पारी शुरू की है।

- Umesh Kumar Politics सालों से खुशहाली की बाट जोह रहे दलित , अल्पसंख्यक और पिछड़े इलाके हों या समस्याओं के अम्बार में सिसकते गांव , आज अगर पगडंडियों में सरकारी अफसरों की दौड़ और योजनाओं की हरियाली शुरू हुयी है तो लोगों को विकास की हवा में सांस लौटती महसूस हो रही है। जहां कभी बदहाली और मायूसी की गर्म लू चल रही थी आज लोग समाधान होता देख रहे हैं। जनता दरबार और नुक्कड़ सभाओं में जुटने वाले लोग अब बड़ी हसरत और उम्मीद के साथ विधायक उमेश कुमार से मिलते हैं , अपनी समस्याएं बताते हैं और एक फोन कॉल पर उनके विधायक उसका हल निकाल लेते हैं। यही वजह है कि न सिर्फ अपनी विधानसभा खानपुर में बल्कि आसपास के तमाम विधानसभाओं में उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी है।



