Uniform Scam- अजब गजब वर्दी घोटाला !

Uniform Scam क्या आप यकीं करेंगे की घोटाले भी अजब गजब तरीके से किये जा सकते हैं ? वो भी घोटाले और भ्रष्टाचार को रोकने वाली खाकी वर्दी और आम आदमी की सुरक्षा करने वाले अहम होमगार्ड विभाग में….. लेकिन ऐसा हुआ है जनाब … वर्दी और अन्य सामग्री की खरीद में हुए बड़े घोटाले की जांच गृह विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुरू कर दी है, इस मामले में डिप्टी कमांडेंट जनरल (डीसीजी) अमिताभ श्रीवास्तव पर अपने पद का दुरुपयोग कर करीब एक करोड़ रुपये की सामग्री तीन करोड़ रुपये में खरीदने का गंभीर आरोप है।


कमांडेंट जनरल होमगार्ड पीवीके प्रसाद ने विभागीय जांच के बाद डीसीजी अमिताभ श्रीवास्तव को सेवा से बर्खास्त करने और उनसे दो करोड़ रुपये की रिकवरी की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा था। गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले कमांडेंट जनरल का पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं की विस्तृत जानकारी दी गई थी। इसके बाद शासन स्तर के अधिकारियों की एक जांच टीम गठित की गई है।

जांच में सामने आया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जवानों के लिए खरीदी गई वर्दी और अन्य सामान बाजार मूल्य से लगभग तीन गुना दरों पर लिया गया। आरोप है कि डीसीजी अमिताभ श्रीवास्तव ने ठेकेदार से मिलीभगत कर भारी वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम दिया। वर्ष 2025-26 में जब इन्हीं ऊंची दरों पर दोबारा टेंडर जारी किया गया, तब कमांडेंट जनरल पीवीके प्रसाद को संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल टेंडर निरस्त कर जांच के आदेश दिए।

विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ से एक करोड़ रुपये के सामान का बिल तीन करोड़ रुपये बनाया गया। उदाहरण के तौर पर, 130 रुपये का डंडा 375 रुपये में, 500 रुपये के जूते 1500 रुपये में, 1200 रुपये की पैंट-शर्ट 3000 रुपये में और 500 रुपये की जैकेट 1580 रुपये में खरीदी गई।

कमांडेंट जनरल ने जब बाजार भाव और टेंडर दरों में भारी अंतर देखा तो तुरंत जांच टीम गठित की गई। टीम द्वारा बाजार से लिए गए कोटेशन में पुष्टि हुई कि लगभग हर वस्तु तीन गुना कीमत पर खरीदी गई थी। घोटाले के सामने आने के बाद विभाग में वर्दी की खरीद पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच शीघ्र पूरी कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।