Uttarakhand Cabinet Expansion धामी मंत्रिमंडल के विस्तार का शुभ मुहूर्त

Uttarakhand Cabinet Expansion  तो क्या बदल जायेगा उत्तराखंड सरकार के मंत्रियों का चेहरा ? क्या चुनावी दस्तक से पहले नए मंत्रियों के दांव से धामी चलेंगे बड़ा दांव ? पहाड़ के विधायकों को कैबिनेट में मिलेगी एंट्री और पार्टी के वफादारों को मिलेगा दायित्व ….. जी हाँ शाइनिंग मीडिया को भाजपा सूत्रों के मुताबिक पुख्ता इशारे मिले हैं कि चंद घंटों में बदल सकती है धामी सरकार की कैबिनेट और नए मंत्रियों के नाम आ जायेंगे सामने। बस देखना ये है की मौजूदा मंत्रियों में से किसका पत्ता कटेगा और किसकी लगेगी लॉटरी

नवरात्र होगा कैबिनेट का विस्तार ! Uttarakhand Cabinet Expansion 

उत्तराखंड की सियासत में लंबे समय से चल रही कैबिनेट विस्तार की अटकलों पर विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार इस चैत्र नवरात्र में मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती है। इसे आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है। राज्य मंत्रिमंडल में इस समय पांच पद खाली हैं, जिन पर नए चेहरों की ताजपोशी होनी है। खास बात यह है कि इन पदों के लिए विधायकों के पिछले चार वर्षों के कामकाज, जनसंपर्क और संगठनात्मक योगदान का गहन मूल्यांकन किया गया है। इससे स्पष्ट संकेत है कि इस बार मंत्रिमंडल में “परफॉर्मेंस” को प्राथमिकता दी जाएगी।

कर्मठ कार्यकर्ताओं को दायित्वधारी की जिम्मेदारी


सूत्रों के अनुसार, सरकार और संगठन के बीच कई दौर की बैठकों के बाद कैबिनेट विस्तार का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी समय-समय पर इसके संकेत दे चुके हैं।राजनीतिक समीकरणों की दृष्टि से यह विस्तार बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधते हुए ऐसे चेहरों को शामिल किया जाएगा, जो आगामी चुनाव में भाजपा के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकें। साथ ही, करीब 12 दायित्वधारियों की नियुक्ति भी प्रस्तावित है, जिससे संगठन और सरकार के बीच समन्वय को और मजबूती मिलेगी।


धामी मंत्रिमंडल में पहले से तीन पद रिक्त थे, जबकि मंत्री चंदन रामदास के निधन और प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद दो और पद खाली हो गए। ऐसे में कुल पांच रिक्तियों को भरना अब सरकार की प्राथमिकता बन गया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवरात्र पर होने वाला यह विस्तार न केवल सरकार की कार्यशैली को नई ऊर्जा देगा, बल्कि धामी के “हैट्रिक मिशन 2027” को भी सफल बनाने में सहायक साबित हो सकता है।