Uttarakhand STF मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के को साकार करने में एसटीएफ उत्तराखंड अहम किरदार निभा रहा है…. धुरंधर धामी के धाकड़ आईपीएस अजय सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ की टीम के साथ साइबर अपराध पीड़ितो को न्याय दिलाने तथा साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही का सकारात्मक नतीज़ा सामने आ रहा है…वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, अजय सिंह ने जानकारी दी कि कौलागढ रोड देहरादून निवासी ONGC से रिटायर्ड एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी ।
निवेश में मुनाफा कमाने का लालच Uttarakhand STF

शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पूर्व अज्ञात साइबर ठगों द्वारा उससे व्हाट्सएप/कॉल के माध्यम से सम्पर्क कर स्वयं को गलत तरीके से षडयंत्र के तहत Aditya Birla Sun Life AMC में ऑथराइज़्ड कर्मचारी बताया और निवेश में मुनाफा कमाने का लालच देकर शिकायतकर्ता के नाम पर एक कथित हाई नेट वर्थ (HNW) ट्रेडिंग अकाउंट के ज़रिए इंस्टीट्यूशनल, ओवर-द-काउंटर (OTC), और IPO शेयरों में इन्वेस्ट करने के लिए उकसाया, जो कथित तौर पर SEBI के साथ रजिस्टर्ड था। घटना की शुरुआत में दिनांक 31 जनवरी 2026 को शिकायत कर्ता को एक इन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में एक WhatsApp मैसेज मिला, जिसके बाद कथित मिस दिया मेहरा के नाम से शिकायत कर्ता को एक कॉल आया, जिन्होंने ABSL AMC में इन्वेस्टमेंट एडवाइजर होने का दावा किया और इन्वेस्टमेंट प्लान को प्रोफेशनल तरीके से समझाया और फिर शिकायत कर्ता को “L103-ABSL The Group of Wisdom” नाम के एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ दिया। उक्त व्हाट्सएप ग्रुप में अक्सर ट्रेडिंग एक्टिविटीज़, प्रॉफ़िट के स्क्रीनशॉट और टेस्टिमोनियल दिखाए जाते थे, जो असली और भरोसेमंद लगते थे। बाद में शिकायतकर्ता को VIP ग्रुप (B085) में शिफ्ट कर दिया गया, जहाँ शिकायत कर्ता का भरोसा जीतने के लिए धोखाधड़ी वाली ट्रेडिंग एक्टिविटीज़ दिखाई जाती थीं।

इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को विश्वास में लेने के लिये एक नकली SEBI रजिस्ट्रेशन नंबर (INZ000172636G) के तहत एक तथाकथित हाई नेट वर्थ (HNW) ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया और लगातार ट्रेडिंग अपडेट और ग्रुप के दूसरे मेंबर्स काे मुनाफा दिखाकर आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता को पूर्णतः भरोसे में लेकर इन्वेस्टमेंट के लिये प्रोत्साहित किया गया, जिससे शिकायतकर्ता इनके झांसे में आकर शुरुआत में छोटे निवेश को राजी हो गया और उसके उपरान्त आरोपियों द्वारा वैध ट्रेडिंग का भ्रम पैदा कर मनगढ़ंत ट्रेडिंग डेटा व शिकायतकर्ता के ट्रेडिंग खाते/खाते के डैशबोर्ड में मुनाफा दिखाकर और अधिक निवेश व मुनाफे के नाम पर शिकायतकर्ता से कई लाभार्थी खातों में रुपये जमा करवाकर कुल ₹1,87,64,000 (एक करोड़ सत्तासी लाख चौंसठ हजार रुपये) की धोखाधड़ी की गयी। कुछ समय पश्चात शिकायतकर्ता को स्वंय के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी । शिकायत के आधार पर साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 25/26 धारा 318(4), 61(2) BNS एवं 66D IT Act पंजीकृत किय़ा गया ।

प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 अजय सिंह द्वारा अभियोग के जल्द खुलासे के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण कर साईबर अपराध में संलिप्त अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की ।
साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुये अपराध में संलिप्त एक शातिर अपराधी सुखराज पुत्र निर्मल सिंह निवासी प्रेम विहार, गली नं0-01, नूराला रोड शिवपुरी, थाना बस्ती जोदेवाला, लुधियाना, पंजाब को चिन्हित कर कडी मशक्कत के उपरान्त लुधियाना पंजाब से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त द्वारा साईबर ठगी का रुपया हडपने के लिये मात्र 02 महीने के लिये एक बैंक खाता खोला गया था जिसमें विगत कुछ ही दिनों में 18 लाख रुपये का अवैध लेन देन होना पाया गया उक्त सभी धनराशि अभियुक्त द्वारा चेक के माध्यम से प्राप्त की गयी जिसमें इस अपराध से सम्बन्धित 5,60,000/- रुपये भी शामिल थे।

आपको बता दें कि यह भी साईबर पुलिस टीम द्वारा शिकायतकर्ता के 40 लाख रुपये भी होल्ड/सुरक्षित कराये जा चुके हैं सुरक्षित करायी गयी उक्त 40 लाख रुपये की धनराशि भी शीघ्र वादी के खाते में वापस कराये जाने की कार्यवाही प्रचलित है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता–
1- सुखराज पुत्र निर्मल सिंह निवासी प्रेम विहार, गली नं0-01, नूराला रोड शिवपुरी, थाना बस्ती जोदेवाला, लुधियाना, पंजाब। उम्र करीब- 34 वर्ष।
गिरफ्तारी पुलिस टीम-
1- निरीक्षक राजेश सिंह
2- उ0नि0 कुलदीप टम्टा
3- अपर उ0नि0 गोपाल सिंह
SSP STF अजय सिंह की अपील —-
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग हेतु न दें, कमीशन/किराये पर खाता देना अपराध है, ATM कार्ड, OTP, PIN, UPI PIN साझा न करें, अज्ञात धनराशि आने पर तुरंत बैंक/पुलिस को सूचित करें तथा अन्जान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना/दस्तावेज दें । यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं, कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है ।
किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों / फर्जी साईट / धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आयें । साथ ही फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें । गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें । तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

