विशेष रिपोर्ट – अनीता तिवारी , देहरादून

Vidhansabha Scam 22 क्या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगे बढ़ेंगे या दबाव में झुक जाएंगे ? क्या देश में ईमानदारी की पहचान बने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी की बेटी रितु खंडूरी अपने पिता की तरह पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ भ्रष्टाचार पर वार कर पाएंगी ? और क्या उत्तराखंड के लाखों युवाओं के साथ हो रहे अन्याय को अंजाम देने वाले गुनाहगारों को बेनकाब कर पाएगी उत्तराखंड सरकार ? क्योंकि अब प्रदेश का सबसे बड़ा और अब तक का सबसे काला धब्बा लग चुका है भर्ती घोटालों के नाम पर , जिस पर सियासत प्रदेश नहीं दिल्ली स्तर पर शुरू हो गई है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दी मुद्दे को लपक लिया है.. वहीं प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष से प्रत्येक कार्यकाल में हुई भर्तियों की जांच की सिफारिश करेंगे सीएम धामी और स्पीकर रितु खंडूरी को साबित करना होगा कि वह उसी पिता की बेटी है जिनके नाम को अनुशासन , ईमानदारी और निडर लीडर के तौर पर जाना जाता है।
Vidhansabha Scam 22 खुलेंगे राज़ तो सामने आएंगे सफेदपोश

- Vidhansabha Scam 22 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वह विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध करेंगे कि किसी भी कार्यकाल में जितनी भी भर्तियां हुई हैं और जहाँ गड़बड़ियों की शिकायत आयी है उनकी निष्पक्ष जाँच की जाए। राज्य सरकार इसमें पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में आ रही गड़बड़ी की शिकायतों पर मीडिया से अनोपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि यह बहुत ही गंभीर विषय है तथा हमारे प्रदेश के सभी नौजवानों के रोजगार से जुड़ा मामला है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में जहां भी गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हो रही है वहां हमने सख्त जांच के आदेश दे दिये हैं। कुछ मामले एसटीएफ को दिये गये हैं एवं कुछ पर विजिलेंस को नियुक्त किया गया है। सभी मामलों पर कार्यवाही चल रही है जिसका परिणाम आप सभी के सामने आ भी रहा है कि अभी तक कुल 27 गिरफ्तारी हो चुकी हैं।

- Vidhansabha Scam 22 उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों में किसी को भी नही बख्शा जायेगा, चाहे किसी के हाथ कितने भी लम्बे क्यों न हो कानून द्वारा अपना काम किया जायेगा। लेकिन अंदर खाने खबर यह है कि इस पूरे कांड के पीछे कई बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं लिहाजा इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि सरकार पर अब खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी दबाव ज्यादा होगा क्योंकि आमने सामने नजर आ रहे हैं एक पूर्व मुख्यमंत्री जिन्हें इस पूरे प्रकरण में काफी सुर्खियां मिल रही है लेकिन अब बात सिर्फ एक और दो मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल की नहीं रही क्योंकि मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर सरकार के दौर में हुई विवादित भर्तियों की फाइल बुक होने जा रहे हैं ऐसे में नींद तो दोनों तरफ के ही नेताओं की उड़ी हुई है क्योंकि काजल की कोठरी में बेदाग फिलहाल कोई नजर नहीं आता है।

- Vidhansabha Scam 22 मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हम आगे के लिये भी एक नजीर बनाना चाहते हैं जिससे इस घटना की पुनरावृति न हो क्योंकि हमें अपने बेटे-बेटियों के आज और कल की चिंता है, उनके वर्तमान एवं भविष्य का सवाल है। हमें प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं का ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि आगे भविष्य में कोई इस तरह का कृत्य करने की सोच भी न सके। लगातार जांचे चल रही है जिसके परिणाम धीरे-धीरे आप सभी के समक्ष आते जा रहे हैं। विधानसभा में नियुक्तियों में गड़बड़ी की आ रही शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा एक संवैधानिक संस्था है, और हम विधानसभा अध्यक्षा से अनुरोध करेंगे कि विधानसभा में जितनी भी भर्तिया हुई है जिनमें शिकायत आ रही है, वो नियुक्ति चाहे किसी भी कालखण्ड की हो उनमें निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्षा द्वारा जांच कि विषय में राज्य सरकार से जो भी सहयोग मांगा जायेगा वह दिया जायेगा।
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