Vinay Tyagi Murder कुख्यात विनय त्यागी हत्या की CBI जांच की मांग

Vinay Tyagi Murder  कुख्यात विनय त्यागी की मौत के बाद परिवार ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।लक्सर में हमलावरों की गोली से घायल हुए पश्चिमी यूपी के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद त्यागी के परिवार ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। विनय त्यागी की बेटी तनवी ने कहा कि पूरे प्रकरण में पुलिस की निष्क्रियता तो सामने आई ही है।

विनय त्यागी की बुआ और ससुराल पक्ष ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर, त्यागी समाज विकास एवं कल्याण समिति की बैठक में विनय त्यागी की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच की मांग की।मीडिया से बातचीत के दौरान मृतक की बहन तन्वी त्यागी ने कहा कि वह करोड़ों के काले धन के राज जानता था। अब भाई के परिवार की सुरक्षा की जाए। उनकी पत्नी पर लगाए गए झूठे मुकदमे हटाए जाएं। परिजन प्रवीण त्यागी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया।

त्यागी की मौत के बाद पुलिस लक्सर कोतवाली में प्राथमिकी में हत्या की धाराएं शामिल करने की तैयारी कर रही है। 24 दिसंबर को नगर में फ्लाईओवर पर हुए शूटआउट के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। बुधवार को रुड़की कारागार से पेशी के लिए एसीजेएम कोर्ट लक्सर ले जाने के दौरान विनय त्यागी पर दो हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस घटना में विनय त्यागी को तीन गोली लगी थीं। गोली लगने के बाद उसे 24 दिसंबर की रात को एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया था। यहां विभिन्न जांचों के बाद ऑपरेशन कर उसे वेंटीलेटर पर शिफ्ट किया गया था। शनिवार सुबह करीब 7:35 बजे उसने दम तोड़ दिया। विनय त्यागी की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

हरिद्वार के SSP प्रमेंद्र सिंह डोभाल के मुताबिक दोनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के नाम सनी यादव और अजय हैं। सनी यादव पहले विनय त्यागी के लिए काम करता था। हत्या निजी दुश्मनी के चलते की गई। त्यागी महासभा और उसके पदाधिकारियों का दावा है कि “पुलिस ने एनकाउंटर से बचने के लिए अपराधियों से हत्या करवाई।” इस बयान ने पूरे मामले को और ज्यादा राजनीतिक और संवेदनशील बना दिया है। विनय त्यागी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खैखेड़ी गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, डकैती, धोखाधड़ी, जैसे 57 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। सूत्रों के अनुसार, उसने दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत कई जगहों पर करोड़ों की बेनामी संपत्तियां बना रखी थीं।