Weather Alert मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. आईएमडी के अनुसार, नैनीताल और बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. इसके अलावा देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है. वहीं हरिद्वार और उधम सिंह नगर में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है. पहाड़ों में लगातार हो रही बरसात से बद्रीनाथ धाम में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे घाट जलमग्न हो गए हैं. प्रशासन ने चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी है.
देहरादून समेत पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी Weather Alert

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून समेत टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि पर्वतीय इलाकों में बिजली चमकने के साथ कई दौर की भारी बारिश होने की संभावना है। मैदानी जिले हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं बिजली चमकने और गर्जन का येलो अलर्ट जारी किया गया है।वहीं, शनिवार के आंकड़ों पर नजर डालें तो दून का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 33.6 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री बढ़ोतरी के साथ 24.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री के साथ ही अब बादलों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, यानी 5 जुलाई को लेकर राज्य के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले कुछ दिनों तक पहाड़ों में मौसम बेहद संवेदनशील बना रहेगा. प्रशासन ने सभी संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों और चारधाम यात्रियों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी है. पहाड़ों में लगातार हो रही इस बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं.

पहाड़ों में लगातार हो रही इस झमाझम बारिश के कारण उत्तराखंड के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों और तीर्थस्थलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सबसे ज्यादा असर चमोली जिले के बद्रीनाथ धाम में देखने को मिला है, जहां अलकनंदा नदी का जलस्तर शनिवार दोपहर के बाद अचानक तेजी से बढ़ गया. पानी का बहाव इतना तेज था कि बद्रीनाथ धाम के प्रसिद्ध गांधी घाट और ब्रह्म कपाल क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है. नदी के किनारे जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और लाउडस्पीकर के जरिए लगातार तीर्थयात्रियों को घाटों से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है.

