Watermelon Death Case घटना मुंबई की है जहां एक ही परिवार के चार लोगों की मौत बिरयानी और तरबूज खाने के बाद हो गई. फिलहाल आशंका जताई जा रही है कि ये मामला फूड प्वाइजनिंग से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही जानकारी मिल पाएगी. मुंबई के पायधुनी इलाके में रहने वाले इस परिवार के 9 लोगों ने रात 10 बजे बिरयानी खाई थी. उसके बाद रात को करीब 1.30 बजे चार लोगों ने तरबूज भी खाया था. इसके बाद इनकी तबीयत बिगड़ी और एक- एक करके अस्पताल में चारों की मौत हो गई.

इस घटना के बाद एक सवाल लोगों के मन में आ रहा है कि क्या तरबूज और बिरयानी खाने से ऐसा हुआ है. लोगों की मौत का कारण कहीं फूड प्वाइजनिंग तो नहीं? इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं.डॉ बताते हैं कि मौत का असली कारण तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन ऐसा नहीं है कि बिरयानी और इसके बाद तरबूज खाना मौत की वजह हो सकता है. इन चीजों को साथ खाने या कुछ घंटे के अंतराल के बाद खाना मौत की वजह हो. ऐसा मुमकिन नहीं है. ये मामला इन चीजों के खुले में रखने और इससे हुई फूड प्वाइजनिंग से होने की आशंका है.

डॉ के मुताबिक, जब खाने की चीजों को कई घंटों तक खुले मे रखते हैं तो इनमें खतरनाक बैक्टीरिया पनप सकते हैं. फल हो या बिरयानी या कोई दूसरा भोजन इनको घंटों खुले में रखने से स्टैफिलोकोकस ऑरियस, साल्मोनेला एंटरिटिडिस और एस्चेरिचिया कोलाई जैसे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. ये सभी बैक्टीरिया बहुत खतरनाक होते हैं. जब कोई व्यक्ति ऐसी चीजों को खाता है तो ये पेट में चले जाते हैं और फूड प्वाइजनिंग से लेकर सेप्सिस तक का कारण बन सकते हैं.
फूड प्वाइजनिंग कैसे बन सकती है मौत का कारण ?

जानलेवा साबित हो सकता है फूड प्वाइजनिंग Watermelon Death Case
डॉ. बताते हैं कि फूड प्वाइजनिंग को लेकर सामान्य उल्टी और दस्त मानते हैं, लेकिन ये कुछ मामलों में जानलेवा साबित हो सकता है. कुछ लोगों को अगर बार-बार उल्टी आती है तो इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इसके साथ ही इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम हो सकते हैं. इनके कम होने का सीधा असर बीपी पर पड़ता है. ब्लड प्रेशर तेजी से गिरकर 50 से भी नीचे जा सकता है. इस स्थिति में शॉक जैसी स्थिति बन जाती है, जो जानलेवा हो सकता है.डॉ कहते हैं कि ये सेप्सिस का भी कारण बन सकता है. ऐसा तब होता है जब बैक्टीरिया खून में फैलने लगते हैं और खून में सेप्सिस हो जाता है. सेप्सिस बहुत ही खतरनाक होता है. ये मौत का कारण भी बन सकता है.

खुले में रखी चीजें न खाएं
डॉ कहते हैं कि कभी भी खुली में रखी चीजें न खाएं. खासतौर पर इस मौसम में तो बिलकुल भी नहीं. अगर आपने कोई फल काटा है तो उसको तुरंत खा लें. इसी तरह बिरयानी या कोई सब्जी और चावल भी पकाने के आधे से एक घंटे के भीतर जरूर खा लें. अगर 2 घंटे बाद किसी कारण खाना भी है तो इनको कवर करके रखें. इससे खाने की चीजों में बैक्टीरिया के पनपने की आशंका कम रहेगी.

