Vishwakarma Puja विश्वकर्मा पूजा के दिन क्यों करते हैं औजारों की पूजा ?

Vishwakarma Puja सनातन परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का प्रथम वास्तुकार, शिल्पकार और इंजीनियर माना गया है। हर साल विश्वकर्मा पूजा का पर्व बड़ी ही श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान विश्वकर्मा के साथ-साथ मशीनों, औजारों, कारखानों और वाहनों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, ताकि कार्यक्षेत्र में तरक्की और सिद्धि बनी रहे।  धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा की साधना करने से व्यक्ति को कामों में सफलता प्राप्त होती है और खूब तरक्की होती है। क्या आप जानते हैं कि विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों और औजारों की पूजा क्यों की जाती है ? 

मशीनों और औजारों की पूजा क्यों की जाती है ? Vishwakarma Puja

लोहे की वस्तुओं का दान

भगवान विश्वकर्मा का संबंध निर्माण कार्य, मशीनों और विभिन्न धातुओं से माना जाता है। इसलिए विश्वकर्मा पूजा पर लोहे से बनी उपयोगी वस्तुओं का दान करने की भी धार्मिक मान्यता है। जरूरतमंद व्यक्ति को उसके काम की लोहे की वस्तु या उपकरण दान किए जा सकते हैं।शास्त्रों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा ने ही सोने की लंका, श्रीकृष्ण की द्वारका नगरी, देवताओं की इंद्रपुरी और पुष्पक विमान का निर्माण किया था। औजारों, मशीनों, वाहनों और उपकरणों को भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद माना जाता है। इसी वजह से विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों और औजारों की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से कारोबार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और कार्यस्थल पर सदैव सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

विश्वकर्मा पूजा के दिन क्या करें?

भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और शिल्प का देवता माना जाता है। ऐसे में विश्वकर्मा पूजा के दिन किसी जरूरतमंद कारीगर या श्रमिक को काम आने वाले औजार दान करना शुभ माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार हथौड़ा, पेचकस, प्लास, रिंच या अन्य जरूरी उपकरण दिए जा सकते हैं। मान्यता है कि इससे व्यक्ति के काम में तरक्की के रास्ते खुलते हैं।

विश्वकर्मा पूजा के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां

विश्वकर्मा पूजा के दिन औजारों, मशीनों और उपकरणों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस दिन इनकी विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। इसके अलावा विश्वकर्मा पूजा के दिन मांस, मदिरा या किसी भी तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में अशुभ परिणाम मिलते हैं। साथ ही इस दिन किसी से वाद-विवाद न करें और किसी के बारे में गलत न सोचें।