Women Swap Kidney छत्तीसगढ़ के रायपुर में रहने वाले स्कूल प्रिंसिपल संदीप भटनागर (51) और तेलंगाना के महबूबनगर निवासी सिविल ठेकेदार सीजी हनुमानथू दूर-दूर तक एक-दूसरे को नहीं जानते थे। उन्हें यह भी नहीं पता था कि उनका एक दूसरे से कोई संबंध बनेगा। दोनों को क्रोनिक किडनी की बीमारी हुई। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट बताया और कहा कि बिना प्रत्यारोपण के उनकी जिंदगी बचना मुश्किल है। दोनों की पत्नियां किडनी देने को राजी हुईं लेकिन उनकी किडनी पतियों से मैच नहीं हुईं। उनके परिवारों के जो सदस्य किडनी देना चाहते थे, उनकी किडनियां भी मैच नहीं हो सकीं।
Women Swap Kidney दोनों परिवार बने दोस्त

- Women Swap Kidney आखिरकार, संदीप की पत्नी इंदु भटनागर (40) ने हनुमंथु (37) को एक किडनी दान की, जबकि हनुमंथु की पत्नी वरलक्ष्मी (37) ने संदीप को एक किडनी दान की। दोनों अब पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। हैदराबाद के अस्पतालों में किडनी अदला-बदली करके ट्रांसप्लांट हुआ। दोनों के पतियों की जिंदगी बच गई। यह किडनी ट्रांसप्लांट दुर्लभ है क्योंकि यह अंतर्राज्यीय, अंतर-अस्पताल में हुआ है और दो महिलाओं ने एक-दूसरे के पति की किडनी दी है। शायद देश में अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ है।
Women Swap Kidney डायलसिस वाले 50% मरीजों को नहीं मिल पाती किडनी

- Women Swap Kidney डेटा से पता चला कि ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे 90% लोगों को स्वैप ट्रांसप्लांटेशन के बारे में पता नहीं है। डोनर पूल को शहरों और राज्यों से बाहर बढ़ाया जा सकता है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि इस तरह के और ट्रांसप्लांट के लिए नए द्वार खुलेंगे। केआईएमएस अस्पताल में दूसरी डोनर- और सर्जरी लेने वाले मरीज की सर्जरी हुई। यहां के मुख्य नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ श्रीधर रेड्डी ने कहा, ‘क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) के स्टेज-5 के मरीजों के पास केवल दो विकल्प होते हैं – डायलिसिस और ट्रांसप्लांट।
Women Swap Kidney पूरी तरह से ठीक हुए मरीज
Women Swap Kidney डॉक्टर ने बताया कि उसी अस्पताल के भीतर किडनी की अदला-बदली मुंबई में भी हुई है। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. विश्वनाथ बिल्ला ने कहा कि यह एक अनूठा प्रत्यारोपण है। इस तरह का ट्रांसप्लांट होना अब पूरे देश की जरूरत बन गया है। अगर इसे आसान बनाया जाए तो कई मरीजों की जान बच सकती है। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है, दोनों पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।

- Women Swap Kidney डोनर्स में से एक इंदु भटनागर ने कहा की पिछले डेढ़ साल के दौरान दोनों जोड़े दोस्त बन गए थे। वे अब यात्रा करते समय एक-दूसरे के घर पर रहते हैं। दानदाताओं में से एक इंदु भटनागर ने कहा कि वे हमारे लिए रक्षक के रूप में आए हैं इसलिए जब भी उन्हें (सीटी हनुमंथु और वरलक्ष्मी) रायपुर आना होगा, वह हमारे घर पर ही रुकेंगे। हम अपने परिवारों में इस आम समस्या के कारण मिले थे लेकिन हमें जीवन भर के लिए दोस्त मिले हैं। यह देखकर बहुत संतोष होता है कि दोनों परिवार स्वस्थ और खुश हैं।
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